कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के जौरासी तल्ली गांव निवासी युवा शोधार्थी आयुष कुकरेती को देहरादून में आयोजित उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में उत्कृष्ट वैज्ञानिक शोध के लिए युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
आयुष ने पर्वतीय क्षेत्रों में सूखते प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए हिमालयन स्प्रिंग प्रायोरिटाइजेशन एंड इंटीग्रेटेड रीजुवनेशन इवैल्यूएशन (एच-स्पायर) मॉडल विकसित किया है। यह मॉडल जल स्रोतों के पुनर्भरण के लिए उपयुक्त स्थानों और उपचार विधियों की पहचान करने में मदद करेगा।
आयुष ने दसवीं तक की शिक्षा स्थानीय सरकारी विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर से स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। उनके पिता सुरेंद्र प्रसाद कुकरेती और दादा ईश्वरी दत्त कुकरेती हैं। आयुष ने अपनी सफलता का श्रेय राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, रुड़की के वैज्ञानिक डॉ. सोबन सिंह रावत, प्रो. डीएस मलिक और इंजीनियर सुमित सैनी के मार्गदर्शन को दिया। ग्राम प्रधान चंडी प्रसाद कुकरेती सहित राजेंद्र प्रसाद कुकरेती, जगदीश प्रसाद कुकरेती, डॉ. श्रीकांत कुकरेती, शशिकांत कुकरेती, सचिदानंद कुकरेती और करुणेश कुकरेती ने उपलब्धि की सराहना की।