कण्वघाटी/कोटद्वार। भाबर के मवाकोट-कण्वाश्रम मार्ग पर अब आवाजाही करनी आसान हो गई है। बदहाल पड़े करीब दो किमी इस मार्ग को लोनिवि ने इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर तैयार कर दिया है। भारी बारिश और नदी के उफनाने से डायवर्जन मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की दशा में लोग इस मार्ग से सुगम आवाजाही कर सकेंगे। मार्ग की सुध लेने के लिए क्षेत्रवासियों ने क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी का आभार जताया है।
बीते वर्ष 13 जुलाई, 2023 को आपदा की चपेट में आकर कोटद्वार भाबर मार्ग पर मोटाढाक के पास मालन पुल टूट गया था। तब से क्षेत्रवासी नदी के उफनाने के दौरान इस मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। वन विभाग का संपर्क सीसी मार्ग होने के कारण इसकी सुध नहीं ली जा रही थी। बीते 13 जून के अंक में अमर उजाला ने इस मार्ग पर लोगों को हो रही दिक्कत को ''''मवाकोट- कण्वाश्रम मार्ग खस्ताहाल'''' शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी। जिसका विधानसभा अध्यक्ष ने संज्ञान लिया और लोगों को आवाजाही में हो रही दिक्कत को देखते हुए जुलाई के प्रथम सप्ताह से टाइल्स बिछाने का काम शुरू करवा दिया गया। दरअसल, मालन नदी पर कण्वाश्रम में स्टील गार्डन पुल तो बना हुआ था, लेकिन मवाकोट से कण्वाश्रम तक के लिए पूर्व में बने सीसी मार्ग की हालत खराब थी। बरसात में भाबर और कोटद्वार के संपर्क के लिए एक मात्र यही मार्ग बचा था।
क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के निर्देश पर मवाकोट-कण्वाश्रम मार्ग पर 33 लाख रुपये की लागत से करीब दो किमी इंटरलाॅकिंग टाइल्स बिछा दी गई है। मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू है। कण्वाश्रम स्टील गार्डर पुल से 15 टन से कम वजनी हल्के वाहन ही आवाजाही कर सकते हैं।
-सत्यप्रकाश राठौर, सहायक अभियंता लोनिवि दुगड्डा।