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211 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का नोटिस

Sat, 19 Dec 2015 09:55 PM IST
श्रीनगर
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जल विद्युत परियोजना की कार्यदायी संस्था जीवीके की कार्यप्रणाली एक बार फिर सुर्खियों में है। जीवीके ने परियोजना में कार्यरत 211 कर्मचारियों को एक माह के भीतर नौकरी से त्यागपत्र देने का नोटिस चस्पा किया है। कंपनी के इस रुख से कर्मचारियों में रोष है। उधर,  कंपनी प्रशासन का कहना है कि परियोजना के निर्माण कार्य से एएचपीएस कंपनी का अनुबंध समाप्त होने से कर्मचारियों को हटाया जा रहा है।
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शनिवार को जीवीके कंपनी के कोटेश्वर स्थित कार्यालय में आक्रोशित कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। कंपनी ने नियुक्ति देते समय ऐसे किसी प्रावधान का जिक्र नहीं किया था। अब अनुबंध समाप्त होने की बात कह कर त्यागपत्र देने का नोटिस भेजा गया है। कर्मचारी विनोद गैरोला ने बताया कि वर्ष 2007 में एएचपीसीएल कंपनी ने नियुक्ति दी थी। उसे वर्ष 2009 में बिना पूछे एएचपीएस में समायोजित कर दिया गया। कंपनी ने अनुबंध या नौकरी की समयसीमा को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। डा. उत्तम भंडारी ने कहा कि कंपनी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि जीवीके का सरकार से जब तक अनुबंध है, तब तक कर्मचारियों को न हटाया जाए।

इंजीनियर दीपक गैरोला ने कहा कि कंपनी एक ओर कर्मचारियों को बाहर कर रही है, वहीं एनपीटीआई के माध्यम से नए इंजीनियरों की नियुक्ति कर रही है। उप महाप्रबंधक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एएचपीएस कंपनी का परियोजना के साथ अनुबंध समाप्त हो गया है, लिहाजा कर्मचारियों की नियुक्ति स्वत: ही समाप्त हो गई। सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को हाइड्रो मैगास में समायोजित करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। जीवीके कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में नरेंद्र पुंडीर, संजीव कुमार, दीपक नौटियाल, पूरण चंद्र काला आदि शामिल थे।
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अभद्रता करने का लगाया आरोप
श्रीनगर। जीवीके कंपनी के उप महाप्रबंधक पर एएचपीएस कंपनी के संपर्क अधिकारी भूपेंद्र भंडारी ने अभद्रता का आरोप लगया है। उनका कहना है कि 211 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की जानकारी लेने जब वह उप महाप्रबंधक सिंह के पास गए, तो उन्होंने अभद्र शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने इस मामले में पुलिस में तहरीर भी दी है।

जीवीके ने किया हाइड्रो मैगास के साथ अनुबंध
श्रीनगर। जीवीके कंपनी एक ओर जहां एएचपीएस कंपनी से अनुबंध समाप्त हो रहा है, वहीं हाइड्रो मैगास से कंपनी अनुबंध कर रही है। हाइड्रो मैगास के कार्य क्षेत्र की कोई पुष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।

21 से करेंगे धरना- प्रदर्शन
श्रीनगर। नौकरी से अलग करने का नोटिस देने पर आक्रोशित अलकनंदा हाइड्रो पावर सर्विस के कर्मचारियों ने 21 दिसंबर से धरना- प्रदर्शन की चेतावनी दी है। कंपनी ने 215 कर्मचारियों को दिसंबर माह के बाद नौकरी से अलग करने का नोटिस चस्पा किया है। शनिवार को कंपनी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, पेयजल मंत्री, मानव अधिकार आयोग सहित उत्तराखंड के सभी सांसदों व राज्य सरकार के सभी मंत्रियों को इस संबंध में ज्ञापन भेजा है।
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