दुगड्डा (कोटद्वार)। दुगड्डा स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) रखरखाव के अभाव में जर्जर हालत में पहुंच गया है। बरसात के बाद चिकित्सालय की स्थिति और खराब हो गई है। छत से बारिश का पानी कमरों में टपकने से दीवारें बदरंग हो गई हैं। वहीं, मुख्य प्रवेश द्वार भी क्षतिग्रस्त है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के दुगड्डा नगरपालिका क्षेत्र में स्थित यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आसपास के गांवों के लोगों के लिए प्रमुख उपचार केंद्र है। यहां कार्यदिवस में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-534, स्टेट हाईवे-9 और ग्रामीण मार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने में भी केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके अलावा आपात स्थिति में प्रसव पीड़ित महिलाओं का प्रसव भी चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की देखरेख में कराया जाता है।
- भूमि हस्तांतरण के इंतजार में अटका निर्माण
चिकित्सालय की बदहाल स्थिति का जायजा पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री, क्षेत्रीय विधायक, सांसद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी ले चुके हैं। पीएचसी को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाने के लिए करीब नौ करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से भी निरीक्षण किया जा चुका है। हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग की 24 मीटर की सीमा में आने वाली भूमि का हस्तांतरण नहीं होने से निर्माण कार्य अटका हुआ है।
भूमि हस्तांतरण के अभाव में चिकित्सालय में निर्माण कार्य कराना संभव नहीं है। उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद ही निर्माण कार्य कराया जा सकता है। -डॉ. अश्वनी कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी दुगड्डा।