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नगर निगम पर एक लाख प्रति माह जुर्माना

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कूड़े के निपटारे में एनजीटी के आदेश का पालन न करने पर नगर निगम कोटद्वार पर एक अप्रैल 2020 से एक लाख रुपये प्रतिमाह का जुर्माना लगाया गया है। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूकेपीसीबी) ने नगर निगम से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूलने की संस्तुति की थी। यह संस्तुति गाड़ीघाट झूलाबस्ती स्थित नगर निगम के डंपिंग यार्ड में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम-2016 का अनुपालन व एनजीटी के आदेशों का पालन सुनिश्चित नहीं करने और एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने पर की गई थी।
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सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रोहित डंडरियाल ने बताया कि अरविंद बनियाल बनाम उत्तराखंड राज्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने 16 अप्रैल 2021 को आदेश पारित किए थे। आदेश के क्रम में क्षेत्रीय कार्यालय उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दो सदस्यीय टीम ने 3 जून 2021 को कोटद्वार में ट्रंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया। टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि डंपिंग यार्ड वैज्ञानिक तरीके से विकसित नहीं किया गया है। डंपिंग यार्ड की चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त थी। साथ ही कचरे के रिसाव को नदी में जाने से रोकने के लिए लीचेड प्रूफ टैंक का निर्माण भी नहीं कराया गया था। निरीक्षण के दौरान 60 मीट्रिक टन क्षमता की ट्रोमल मशीन और 30 मीट्रिक क्षमता की बायो रेमीडीकल मशीन भी क्षतिग्रस्त पाई गई।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि 2500 मीट्रिक टन लगेसी वेस्ट का पृथक्कीकरण किया गया है, लेकिन इस संबंध में अधिकारी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। सहायक नगर आयुक्त की ओर से टीम को बताया गया कि इंट्रीगेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की स्थापना के लिए सिडकुल से लगी जयदेवपुर में दो हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। भूमि हस्तांतरण के लिए सिडकुल के महाप्रबंधक देहरादून को पत्र भेजा गया, लेकिन भूमि हस्तांतरण नहीं होने के कारण लगेसी वेस्ट उक्त स्थल पर ही डंप पड़ा है। निरीक्षण के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम-2016 और एनजीटी में पारित आदेशों का अनुपालन न होने और एक्शन टेकन रिपोर्ट भी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में प्रस्तुत नहीं करने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में एक लाख रुपये प्रतिमाह आरोपित करने की संस्तुति यूकेपीसीबी के सदस्य सचिव को पांच जून को कर दी गई थी। इस पर सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने नगर आयुक्त को 2 अगस्त 2021 को भेजे पत्र में एक लाख रुपये प्रतिमाह पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जमा करने का नोटिस जारी किया है। क्षतिपूर्ति जमा करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। अधिवक्ता रोहित डंडरियाल ने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से 4 अक्तूबर को एनजीटी में अब तक की गई कार्रवाई की आख्या प्रस्तुत की है। इस संबंध में नगर निगम का पक्ष जानने के लिए नगर आयुक्त किशन सिंह नेगी और सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार को कई बार फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। नगर निगम का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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