कोटद्वार। गोखले मार्ग पर व्यवस्थाएं बनाने में नगर निगम और पुलिस प्रशासन असफल साबित हो रहा है। सरकारी महकमों की उदासीनता यहां राहगीरों और लोगों पर भारी पड़ रही है। दुकानों के आगे लगने वाली फड़ों की दुकानें आधी सड़क तक फैली रहती हैं, जिससे यहां शाम के समय पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। पुलिस प्रशासन और नगर निगम की ओर से यहां की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कई प्रयोग किए गए, लेकिन कोई भी सफल नहीं रहा। आलम यह है कि इस मार्ग पर फड़ और सब्जी की दुकान चलाने वालों की मनमानी बनी हुई है।
गोखले मार्ग शहर का सबसे व्यस्ततम बाजार है। झंडाचौक से शुरू होकर यह मार्ग स्टेशन रोड पर मिलता है। करीब 300 मीटर की लंबाई वाले इस मार्ग पर दुकानों के आगे सैकड़ों सब्जी और फड़ की दुकानें आधी सड़क तक फैली रहती हैं। जिससे यहां खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को परेशान होना पड़ता है। पूर्व पालिका अध्यक्ष पूरण सिंह रावत, समाज सेवी गोविंद डंडरियाल और पीएल खंतवाल का कहना है कि पुलिस प्रशासन व नगर निगम की ओर से कई बार गोखले मार्ग पर वनवे सिस्टम लागू कर प्रयोग किए गए, लेकिन सफल नहीं रहा। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को झेलनी पड़ती है। दुकानों के आगे फड़ लगाना प्रतिबंधित होना चाहिए। नगर आयुक्त वैभव गुप्ता ने बताया कि गोखले मार्ग पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा।