केंद्र सरकार के संसदीय कार्यालय मंत्रालय की ओर से गढ़वाल विवि में आयोजित युवा संसद में पहाड़ में बढ़ रही नशाखोरी का मामला उठाया गया। युवा सांसदों ने समाज में बढ़ रही महिला हिंसा, पलायन व शिक्षा के गिरते स्तर पर भी संबंधित मंत्रियों से सवाल पूछे।
गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर स्थित एसीएल हॉल में युवा संसद का आयोजन किया गया। यहां संचालित लोक सभा की कार्रवाई के तहत प्रश्नकाल, शून्य काल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विधायी कार्य, विदेशी प्रतिनिधि मंडल का स्वागत, राज्य सभा से संदेश व अंत में सदन स्थगन किया गया।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के युवा सांसद लवीश राणा ने स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान युवाओं के बीच बढ़ रही नशे की लत की ओर आकर्षित किया। नेता प्रतिपक्ष शिवानी पांडे ने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब ही नहीं बल्कि उत्तराखंड में भी नशा युवाओं को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि सरकार ने इस संबंध में क्या कदम उठाए हैं।
शून्य काल के दौरान संसद सदस्यों ने महिला हिंसा पर चर्चा की। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने शिक्षा के गिरते स्तर, पहाड़ में रेल सुविधा, पलायन आदि को लेकर सरकार को घेरा। कार्यक्रम में निर्णायक के तौर पर पश्चिम बंगाल से पूर्व राज्य सभा सांसद ब्रतिनसेन गुप्ता, नोएडा लॉ कालेज डा. कुश कालरा, एमकेपीजी देहरादून की प्राचार्य इंदु मौजूद रहे। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. जेएल कौल, कार्यक्रम समन्वयक प्रो. हिमांशु बौड़ाई आदि मौजूद थे। संचालन डा. राकेश ड्योडी ने किया।
छह का फाइनल युवा संसद में चयन
श्रीनगर। युवा संसद में शानदार प्रदर्शन के आधार पर छह छात्रों का चयन किया गया है। इसमें स्पीकर हेमा, रेलमंत्री आदित्य रणावत, विपक्ष की नेता शिवानी पांडे, युवा सांसद रोबिन सिंह, लवीश राणा व ऋषभ शामिल हैं। ये सभी छात्र संसद भवन के जीएमसी बालयोगी कक्ष में होने वाली फाइनल युवा संसद में प्रतिभाग करेंगे।