अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने लकड़ीपड़ाव कोटद्वार के मानसी आत्महत्या प्रकरण के आरोपी युवक की जमानत खारिज कर दी है। बचाव पक्ष की ओर से उनके अधिवक्ता ने जिला एवं सत्र न्यायालय पौड़ी गढ़वाल में दो जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किए थे, जिन्हें कोटद्वार अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में हस्तांतरित किया गया था।
मंगलवार को एडीजे कोर्ट में मानसी आत्महत्या प्रकरण के आरोपी नवाजीश पुत्र सरफराज अहमद निवासी गंगादत्त जोशी मार्ग कोटद्वार के दो जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई हुई। दोनों जमानत पत्र एक ही अपराध और एक ही आरोपी से संबंधित होने के कारण कोर्ट ने एक साथ ही दोनों का निस्तारण किया।
अभियोजना पक्ष के अनुसार महेश थापा निवासी लकड़ीपड़ाव की ओर से गत 29 मार्च को कोतवाली में एक तहरीर दी गई कि उनकी बेटी सुबह घर से स्कूल के लिए निकली थी, जो देर रात तक घर नहीं लौटी। खोजबीन करने पर लोगों ने बताया कि उनकी बेटी को काशीरामपुर तल्ला में सरफराज के साथ देखा गया। रात को दस बजे उनकी बेटी ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। परिजनों ने तहरीर में नवाजीश को नामजद करते हुए उनकी बेटी से अक्सर बातकर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में एक अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी तभी से जेल में हैै। बचाव पक्ष की ओर से दलीलें दी गईं कि आरोपी निर्दोष है। प्रथम सूचना रिपोर्ट में पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई कथन नहीं है। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता नसीम बेग ने इस मामले को गंभीर प्रकृति का अपराध बताते हुुए जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे कोर्ट ने आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए।