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शिव कथा श्रवण से होता है गृहस्थ जीवन का उद्धार : आचार्य सुंद्रियाल

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कण्वघाटी। भाबर क्षेत्र के उदयरामपुर स्थित प्राचीन श्री पीपलेश्वर महादेव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा में व्यास आचार्य विनोद सुंद्रियाल ने शिव परिवार की विशेषता का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शिव कथा के श्रवण से ही गृहस्थ जीवन का उद्धार होता है।



शिव महापुराण कथा के चौथे दिन का उद्घाटन मुख्य अतिथि मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष सुमन कोटनाला और कथावाचक व्यास आचार्य विनोद सुंद्रियाल ने मंदिर परिसर में रुद्राक्ष के पौधों का रोपण कर किया। इसके बाद कथा वाचन में आचार्य विनोद ने कहा कि शिव परिवार में आपसी विरोध वाले रहते हैं, जो विरोधी होकर भी एक मत व सुख शांति के साथ में रहते हैं। जैसे सर्प और मोर, शेर और बैल, सांप और चूहा। अनेकता में एकता ही शिव परिवार की पहचान है।
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उन्होंने कहा कि शिवजी के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिक पराक्रम और पुरुषार्थ के स्वरूप हैं। वहीं भगवान गणेश बुद्धि-विवेक के प्रतीक हैं। शिव योग से परस्पर विरोधी तत्वों को एक माला में पिरोना ही शिव परिवार है। इस कारण गृहस्थ आश्रम की उन्नति, सद्भाव, समृद्धि एवं ज्ञान शिव कथा के श्रवण और पूजा से प्राप्त होते हैं। इस अवसर पर श्याम सुंदर कंडवाल, दिलीप सिंह, गौरव कुकरेती, राजू नेगी, मनोज कुमार, केशव, प्रमोद, राहुल पंत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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