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लैंसडौन में केटीआर कार्यालय फिर हुआ गुलजार

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केटीआर के लैंसडौन स्थित कार्यालय में सामान वापस लाते कर्मी। - फोटो : KOTDWAR
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कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) वन प्रभाग का लैंसडौन स्थित कार्यालय फिर से गुलजार हो गया है। टाइगर सफारी के बहाने कोटद्वार से चल रहे दफ्तर को पूरी तरह से लैंसडौन शिफ्ट कर दिया गया है। कोटद्वार से केटीआर दफ्तर के संचालन के विरोध मेें कांग्रेसजनों के साथ ही स्थानीय व्यापारी मुखर हो गए थे। क्षेत्रीय विधायक ने भी केटीआर दफ्तर को पूर्व की भांति लैंसडौन से ही संचालित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया था।
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केटीआर के पाखरो रेंज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट टाइगर सफारी के निर्माण के कारण पूर्व में कार्यालय का संचालन कोटद्वार कैंप कार्यालय से किया जा रहा था। कैंप कार्यालय से कामकाज नवंबर माह तक होना था, लेकिन दिसंबर माह तक भी मूल कार्यालय का संचालन नहीं होने से गुस्साए जनप्रतिनिधियोें ब्लाक प्रमुख जयहरीखाल दीपक भंडारी, महिपाल सिंह रावत ने इस संबंध में राज्यपाल से मिलने की चेतावनी दी। इसके बाद हरकत में आए वन विभाग कर ओर से कार्यालय का सामान लैंसडौन लाया गया और बृहस्पतिवार से कार्यालय का कामकाज लैंसडौन से ही किया जाने लगा है।
कार्यालय मेें कर्मचारियों की शतप्रतिशत उपस्थिति के कारण विगत 10 माह से सूना पड़ा केटीआर परिसर कर्मचारियों और काम के लिए आए लोगों से गुलजार हो गया। कार्यालय वापसी का व्यापार मंडल ने स्वागत किया। व्यापार मंडल कार्यकारिणी सदस्य लता खंडेलवाल ने कहा कि एक-एक कर खिसकते जा रहे कार्यालयों के कारण नगर का सामाजिक तानाबाना बिगड़ता जा रहा था। इससे राज्य स्थापना का मूल उद्देश्य भी भटकाव के रास्ते पर आ रहा था।
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ब्लाक प्रमुख दीपक भंडारी ने कहा कि पूर्व डीएफओ सहित कुछ कर्मचारियों की साजिश व निजी स्वार्थ के चलते कार्यालय का संचालन कोटद्वार से किया जा रहा था। वहीं डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि कार्यालय का संचालन मूल कार्यालय स्थल लैंसडौन कार्यालय से ही किया जा रहा है। कोटद्वार से कर्मचारियों ने लैंसडौन आकर काम करना शुरू कर दिया है।
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