कोटद्वार। कोटद्वार से पर्वतीय क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था अब तक सुदृढ़ नहीं हो सकी है। दोपहर बाद पर्वतीय क्षेत्र और शाम के बाद मैदानी क्षेत्रों के लिए कोटद्वार रोडवेज डिपो से बसें उपलब्ध नहीं होने का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। रात में गंतव्य तक पहुंचने के लिए क्षेत्रवासियों को यूपी रोडवेज की बसों का ही सहारा रह जाता है।
कोटद्वार रोडवेज डिपो में करीब 65 बसों का बेड़ा होने के बावजूद कोटद्वार से पर्वतीय क्षेत्र के लिए दोपहर 2:30 आखिरी बस लैंसडौन के लिए ही उपलब्ध होती है। मैदानी क्षेत्र से होकर देहरादून जाने वाली आखिरी बस अपराह्न चार बजे तक ही है। इसके बाद मैदानी क्षेत्रों में वाया नजीबाबाद, बिजनौर दिल्ली के लिए आखिरी बस शाम 5:30 बजे है। यानि दोपहर 2:30 बजे के बाद पर्वतीय क्षेत्र और शाम 5:30 बजे के बाद मैदानी क्षेत्रों के लिए कोटद्वार से कोई बस सेवा नहीं है।
दिन ढलने के बाद के दोनों क्षेत्रों में गंतव्य को जाने के लिए लोग मुख्य चौराहों पर भटकते दिखाई देते हैं। आजीविका के लिए नजीबाबाद से कोटद्वार आने वाले मोहम्मद यासीन बताते हैं कि वे सुबह ट्रेन से कोटद्वार पहुंचते हैं। रात आठ बजे के बाद जब उन्हें वापस लौटना होता है, तो यहां से बस नहीं मिलती। ओमपाल शर्मा व अमित कुमार कहते हैं कोटद्वार से रात आठ बजे बसें नहीं मिलतीं और प्राइवेट मैक्स वाहनों में मानक से दोगुना सवारियों को ठूंसा जाता है। नरेंद्र सिंह, अनुराग शर्मा बताते हैं कि अगर यूपी रोडवेज बसें रात में कोटद्वार न पहुंचें, तो यहां परिवहन का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
मैदानी क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बसें संचालित करने पर काम ही चल रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों के लिए शाम को यात्रियों की उपलब्धता को देखते हुए सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। -अनुराग पुरोहित, एआरएम कोटद्वार