बडोनी की जयंती पर कोटद्वार समेत विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित हुए विशेष कार्यक्रम
कोटद्वार/जयहरीखाल। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रणेता, जननायक स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की 100वीं जयंती सम्मान और गौरव के साथ मनाई गई। अटल आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज सारी में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष अर्चना देवी एवं चंद्रमोहन सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। ईशा एवं साथियों ने मंगल गीत प्रस्तुत किया। उत्तराखंड मेरी मातृभूमि, मातृभूमि मेरी पितृभूमि... गीत ने मन की गहराइयों को छूआ। प्रधानाचार्य अनिल कुमार मैंदोला ने कहा कि स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी उत्तराखंड राज्य आंदोलन के मजबूत स्तंभ थे। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और संस्कृति से जुड़े रहने की सीख देते हैं।
रामलीला कमेटी गुमखाल के संरक्षक अर्जुन सिंह रावत, निर्देशक चंद्रमोहन सिंह रावत एवं अध्यक्ष दशरथ सिंह की उपस्थिति में रामलीला कमेटी की महिला पात्रों नीतू रावत, शोभा रावत, सुनीता देवी, विजयलक्ष्मी देवी, सपना देवी, रेखा देवी, आशा रावत, अर्चना रावत, बाल कलाकार प्राची, प्रियाली, काव्य, आकांक्षा को सम्मानित किया। सामाजिक कार्यकर्ता हरीश गौड़, अध्यापक कुलदीप रावत, दिनेश राणा, जयदीप उनियाल आदि ने विचार रखे।
वहीं, ज्ञान भारती सीनियर सेकेंड्री स्कूल में इंद्रमणि बडोनी की जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। उद्घाटन प्रधानाचार्या शिवानी नेगी ने किया। प्रबंधक अजयपाल सिंह रावत ने बताया कि बडोनी का जन्म 24 दिसंबर, 1925 को टिहरी गढ़वाल के अखोड़ी गांव में हुआ था। उन्हें उत्तराखंड के गांधी के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। निदेशक अभय रावत आदि उपस्थित रहे।
जयहरीखाल महाविद्यालय में प्राचार्या प्रो. एलआर राजवंशी, वनस्पति विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. पवनिका चंदोला एवं हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. उमेश ध्यानी ने बडोनी के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए। कार्यक्रम में डॉ. एसपी मधवाल, डॉ. आरके द्विवेदी, डॉ. कमल कुमार, डॉ. वीके सैनी एवं कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।