कोटद्वार। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के 76वें स्थापना दिवस पर श्री शिव शक्ति मंदिर जनजागरण समिति एवं अधिवक्ता स्व. जगमोहन भारद्वाज स्मृति जन सरोकार मंच के कार्यकर्ताओं ने विशेष बैठक की। इस दौरान डब्ल्यूएचओ में भारत की सहभागिता को गुणात्मक रूप में बढ़ाने और वर्ल्ड ट्रीटमेंट पैटर्न में प्राचीन आयुर्वेद पद्धति को शामिल करने की मांग की गई।
बैठक में नशा मुक्ति एवं किडनी लीवर बचाओ जन जागरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक नंदलाल धनगर ने कहा कि किडनी डैमेज और कैंसर के मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह कैंसर और किडनी सुरक्षा के राष्ट्रीय मानकों को डब्ल्यूएचओ के समक्ष जन स्वास्थ्य सुरक्षा हित में अविलंब प्रस्तुत करे। साथ ही डब्ल्यूएचओ प्राचीन भारतीय आयुर्वेद पर आधारित नवीन चिकित्सा पैटर्न को विश्व स्वास्थ्य सुरक्षा हित में गुणात्मक बनाए। समाजसेवी डॉ. सुरेंद्रलाल आर्य की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ओपी रावत, कैलाश भारद्वाज, डॉ. जीएन शर्मा, डॉ. सोहन बड़थ्वाल, ममता भारद्वाज, अंजू भारद्वाज, अनुराधा भारद्वाज, अमित जायसवाल, आरती, रुबी नेगी और प्रियंका आदि ने विचार रखे।