जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवर सेन की अदालत ने बृहस्पतिवार को कोटद्वार कैंप में थलीसैंण के खटलगढ़ महादेव मार्केट के पुल की ढइया नामक स्थान पर एक दुकानदार पर हुए जानलेवा हमले के आरोपी पिता और पुत्र को दस साल के सश्रम कारावास और उन्नीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी रकम पीड़ित व्यक्ति को दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार ग्राम तलाई निवासी वादी भूपेंद्र सिंह ने अपने भाई देवेंद्र सिंह बिष्ट पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट जिलाधिकारी पौड़ी को फैक्स के जरिए की थी। इसमें 15 दिसंबर, 2011 को खटलगढ़ महादेव मार्केट के पुल की ढईया नामक स्थान में राशन डीलर मनवर सिंह बिष्ट और उसके बेटे अनूप सिंह बिष्ट पर लाठी-डंडों से देवेंद्र पर हमला करने का आरोप लगाया गया था।
हमलावर पिता-पुत्र ने देवेंद्र को बुरी तरह घायल कर दिया, जिसके चलते उसे बीरोंखाल से काशीपुर हायर सेंटर रेफर करना पड़ा। करीब डेढ़ साल तक देवेंद्र बिस्तर पर पड़ा रहा। डीएम के निर्देश पर इस मामले में राजस्व पुलिस पटवारी सर्किल खाटली पल्ला-दो में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। हमलावर पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या का प्रयास, गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया गया था।