राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के मरहम पट्टी कक्ष में ताला लगे होने से घायलों को जरा सी ड्रेसिंग के लिए भटकना पड़ रहा है। मरीजों की आपातकालीन कक्ष में ही मरहम पट्टी की जा रही है। सिमलचौड़ निवासी बुजुर्ग छवानी देवी दस दिन पहले छत से गिरीं और जख्मी हो गईं थीं।
डॉक्टर ने उस समय टांके तो लगा दिए लेकिन टांके कटवाने पहुंचीं तो मरहम पट्टी कक्ष में ताला लगा मिला। इमरजेंसी में बैठे फार्मेसिस्टों से कहने पर टांके काटे गए। गोविंदनगर निवासी महेश चंद्र ने कहा कि उनके बेटे की सड़क दुर्घटना में सिर पर चोट लग गई थी।
उन्हें भी मरहम पट्टी कक्ष में इलाज नहीं मिल पाया। बाद में उन्हें निजी अस्पताल में जाना पड़ा। चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस एसडी आर्य का कहना है कि मामला संज्ञान मेें है, शीघ्र समस्या का समाधान किया जाएगा।