दुगड्डा ब्लॉक के घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत भूस्खलन प्रभावित पुलिंडा गांव।
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दुगड्डा ब्लाक के घाड़ क्षेत्र के भूस्खलन प्रभावित गांव पुलिंडा के विस्थापन की अब उम्मीद जग गई है। गांव के विस्थापन के लिए प्रस्तावित पापीडांडा की जमीन के राजस्व और वन विभाग के बीच फंसे होने पर जिलाधिकारी ने राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। बीते माह एडीएम ने गांव का दौरा कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी थी। जिसमें पापीडांडा खाम की 70.232 हेक्टेयर जमीन को राजस्व विभाग का बताया गया है।
पुलिंडा विस्थापन एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष केशर सिंह नेगी ने बताया कि घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत पुलिंडा गांव में 70 के दशक से लगातार भूस्खलन हो रहा है। ग्रामीण लगातार विस्थापन और पुनर्वास की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन वन विभाग के अड़ंगे के चलते अभी तक मामला लटका हुआ था। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी डा. एसके बरनवाल ने गत तीन जुलाई 2019 को भूस्खलन प्रभावित गांव पुलिंडा का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने पाया कि गांव के दोनों ओर भूमि धंसती जा रही है और ऊपर के क्षेत्रों में बड़े-बड़े क्रैक बन गए हैं। रिपोर्ट में अपर जिलाधिकारी ने पांच परिवारों को अधिक खतरे की जद में होने के कारण उन्हें तत्काल विस्थापित करने की संस्तुति की है। जिलाधिकारी पौड़ी धीराज सिंह गर्ब्याल ने अपर जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद घाड़ क्षेत्र के भूस्खलन प्रभावित गांव पुलिंडा को पापीडांडा खाम में विस्थापित करने के मामले में उपजिलाधिकारी कोटद्वार और लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ को चयनित भूमि का संयुक्त निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर अभिलेखों सहित आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि पापीडांडा खाम के अंतर्गत कितने परिवारों को पूर्वी, पश्चिमी उत्तरी झंडीचौड़ और पापीडांडा खाम क्षेत्र में विस्थापित किया गया था और पापीडांडा खाम क्षेत्र की भूमि कब से राजस्व अभिलेखों के नक्शे में अंकित है।
उनका कहना है कि पापीडांडा खाम की भूमि को वन विभाग अब तक अपनी बताता रहा है, लेकिन अपर जिलाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि सिगड्डी स्थित पापी डांडा खाम की 70.232 हेक्टेयर भूमि राजस्व की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पापीडांडा क्षेत्र में पूर्व में भी 200 से 250 परिवारों को झंडीचौड़ पश्चिमी के नाम से भूमि वितरित की गई थी, उक्त भूमि पर वर्तमान में भी लोग निवासरत हैं । रिपोर्ट में पापीडांडा खाम क्षेत्र में पुलिंडा में रह रहे अन्य ग्रामवासियों को विस्थापित करने की संस्तुति की गई है। एडीएम की रिपोर्ट में पुलिंडा गांव में कुल परिवारों की संख्या 121 है, जिनमें से गांव में 10 परिवार अनुसूचित जाति के और 111 परिवार सामान्य जाति के हैं। 67 परिवार वर्तमान समय में गांव में निवास करते हैं। लेकिन छह परिवार अत्यधिक प्रभावित हैं। उक्त परिवारों में से एक परिवार स्वयं ही कोटद्वार में विस्थापित हो चुका है। रिपोर्ट में अत्यंत खतरे की जद में आए पांच परिवारों को तत्काल विस्थापित करने और पुनर्वास नीति 2011 के अनुसार एकमुश्त सहायता दिए जाने की संस्तुति भी की गई है।