जीआईसी रिखणीखाल में शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर बीईओ कार्यालय में धरना देते अभिभावक।
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राजकीय इंटर कालेज रिखणीखाल में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों पर तैनाती को लेकर अभिभावकों का धरना-प्रदर्शन छठवें दिन भी जारी रहा। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अगर जल्दी ही उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा।
रविवार को अभिभावक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रिखणीखाल में एकत्र हुए। उन्होंने शिक्षा विभाग पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस अवसर पर अभिभावकों ने कहा कि शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों की भांति सरकारी स्कूलों में सुविधाएं और शैक्षणिक व्यवस्था बनाने के दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि रिखणीखाल ब्लाक के सबसे अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती तक नहीं करा पा रहा है। विभागीय लापरवाही के चलते एक ओर जहां छात्रसंख्या की कमी के चलते सरकारी विद्यालय बंद हो रहे हैं। वहीं अधिक छात्र संख्या होने के बाद भी विद्यालय की अनदेखी की जा रही है। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा उनके बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। आंदोलन को छह दिन होने के बाद भी अभी तक शिक्षा विभाग के विद्यालय में छात्रों के भविष्य को लेकर आंखें मूंदे हुए हैं। चेताया कि शिक्षकों की तैनाती नहीं होने तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान रमेश रावत, प्रमोद सिंह, धनवीर सिंह, अनिल कुमार रावत, सुदामा भारद्वाज, कुसुम देवी, लीला देवी, रजनी देवी, आशा देवी, गोकुलानंद, कांति देवी, संगीता देवी, सतवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, सरोजनी देवी, सीमा देवी, संजू देवी, रीना देवी आदि मौजूद थे।