राजकीय मेडिकल कालेज/बेस अस्पताल को जानकारी नहीं है कि कालेज व अस्पताल में विद्युत सप्लाई के लिए स्वतंत्र फीडर तैयार हुआ कि नहीं। इसकी वजह यह है कि ऊर्जा निगम ने स्वतंत्र फीडर के लिए दिए गए 66 लाख रुपयों का हिसाब नहीं दिया है। इसे देखते हुए बेस अस्पताल की ओर से ऊर्जा निगम को हिसाब-किताब देने और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए पत्र भेजा है।
बेस अस्पताल/मेडिकल कालेज की विद्युत लाइन रुद्रप्रयाग से जुड़ी हुई थी। रुद्रप्रयाग लाइन में फाल्ट आने पर श्रीकोट व कालेज/अस्पताल की विद्युत आपूर्ति ठप हो जाती थी। इस समस्या से निपटने के लिए शासन ने चार साल पहले ऊर्जा निगम को 66 लाख देकर अस्पताल/कालेज के लिए 11केवीए का स्वतंत्र फीडर स्थापित करने के निर्देश दिए थे।
इस बीच कालेज प्रशासन को ऊर्जा निगम ने कोई जानकारी नहीं दी। ना ही अस्पताल की विद्युत आपूर्ति में सुधार हुआ। गत वर्ष अगस्त में कालेज में इस बाबत हुई बैठक में निगम के ईई ने बताया कि 80 फीसदी काम हो चुका है। स्वंतत्र फीडर से विद्युत आपूर्ति की जा रही है, लेकिन कालेज प्रबंधन व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है। उनके पास ऐसा कोई प्रमाण भी नहीं है, जिससे साबित हो सके काम पूरा हो चुका है।
पिछले दिनों विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से अस्पताल की व्यवस्थाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि कालेज/अस्पताल के लिए अलग व्यवस्था नहीं है। निगम ब्यौरा भी नहीं दे रहा है। निगम को स्थिति स्पष्ट करने और भौतिक निरीक्षण करने के लिए पत्र लिखा है। - डा. सुरेश जैन, एमएस बेस अस्पताल
अस्पताल को चार साल से स्वतंत्र फीडर से बिजली दे रहे हैं। काम पूरा हो गया है। श्रीकोट स्थित 33/11केवीए विद्युत सब स्टेशन में 33 केवी का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगना है। रास्ता नहीं होने से ट्रांसफार्मर नहीं लग पा रहा है।- मनोज अग्रवाल, एसडीओ ऊर्जा निगम