श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावितों को रोजगार न मिलने और पूर्व में हुए समझौतों के अनुसार कार्य न होने से प्रभावित पथल्डू पुलिया के समीप धरने पर बैठ गए हैं। प्रभावितों ने परियोजना संचालन कर रही कंपनी सहित शासन-सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया है।
बृहस्पतिवार को धरना-प्रदर्शन शुरू करते हुए चौरास क्षेत्र के गुगली और मंगसू सहित अन्य गांव के लोगों ने छल करने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विगत 12 जुलाई को कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की अध्यक्षता में गठित मंत्रीमंडलीय उपसमिति के समक्ष कंपनी प्रबंधन ने नौकरी से हटाए गए प्रभावितों को वापस लेने पर सहमति जताई थी।
आर्थिक मुआवजा, सड़क और छूट गए प्रभावितों को रोजगार समेत अन्य मुद्दों पर भी एक माह के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताया कि पूर्व में कंपनी प्रबंधन को ज्ञापन देकर 12 अक्तूबर तक कार्रवाई करने की मांग की गई थी, लेकिन कंपनी ने ज्ञापन पर ध्यान नहीं दिया।
इसलिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जा रहा है। धरने में बसपा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र मुयाल, नीमचंद, राजेंद्र कुमार और लक्ष्मी देवी आदि बैठे।
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- प्रभावितों की मांगों पर कार्रवाही चल रही है। सबसे अधिक समस्या सड़क की थी उसके लिए लोनिवि विभाग खंड कीर्तिनगर को सड़क की डीपीआर बनाने लिए धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है।
वायआर शर्मा, जन संपर्क अधिकारी एएचपीसीएल श्रीनगर