धुंध से बढ़ रही बीमारी का इलाज कराने आए जिला अस्पताल में मरीज।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जंगलों में धधकी आग लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। सरकारी अस्पताल में रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। आंख में इंफेक्शन से पीड़ित करीब 50 फीसदी, खांसी-जुखाम-बुखार से पीड़ित 25 फीसदी बच्चे और दमा के करीब 10 फीसदी रोगियों में बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। उपचार कर रहे चिकित्सकों की मानें तो आग के बाद धुंध से मौसम में आए बदलाव से रोगियों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है।
धुंध से इंफेक्शन होने से एलर्जी के 50 प्रतिशत मरीज प्रतिदिन बढ़ गए हैं। जहां एलर्जी के प्रतिदिन 100 मरीज उपचार के लिए आते थे। इन दिनों यह संख्या 150 से ऊपर हो गई है। बच्चों में भी खांसी, जुखाम, बुखार तेजी से बढ़ा है। जहां प्रतिदिन 150 बच्चे उपचार के लिए पहुंचते थे, वहीं एक सप्ताह से 175 से 180 बच्चों को परिजन उपचार के लिए अस्पताल ला रहे हैं। दमा के मरीज भी धुंध के चलते आफत में हैं। प्रमुख अधीक्षक डा. उमाशंकर कंडवाल के अनुसार जहां प्रतिदिन 120-130 मरीज पहुंचते थे इस बीच 130-140 लोग उपचार के लिए आ रहे हैं।
जिला चिकित्सालय की ओपीडी में 26 अप्रैल को 296, 27 को 292, 28 को 303, 29 को 314, 30 को 275 मरीज अस्पताल उपचार के लिए पहुंचे। एक मई को आग की घटनाएं और तेज होने, धुंध छाने के चलते दो मई को 415 मरीज अस्पताल उपचार के लिए पहुंचे। तीन मई को 323 मरीज उपचार के लिए आए।