संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित मोनाल उत्सव के अंतिम दिन आयोजित समारोह में लोक गीत, लोक नृत्यों की धूम रही। रंग कर्मियों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर समारोह में समा बांधा। गढ़वाली लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने में योगदान के लिए कई लोगों को सम्मानित भी किया गया।
बदरीनाथ मार्ग स्थित नगर निगम सभागार में आयोजित समारोह का हंस कल्चरल सेंटर के प्रदेश प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री राजेंद्र अंथवाल और कोटद्वार निवासी दुबई के व्यापारी चांद मौला बख्श ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य मंत्री राजेंद्र अंथवाल ने गढ़वाल की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के आयोजनों को आवश्यक बताया। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों में युवा पीढ़ी को भी शामिल करने की अपील की।
संस्था अध्यक्ष विक्रम बिष्ट के निर्देशन में आयोजित अंतिम सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ अंकिता बाजपेयी ने गणेश वंदना से की। कार्यक्रम में रंग कर्मियों ने चंद्र सिंह राही द्वारा रचित जरा ठंडू चला दी जरा मठू चला दी, मेरी चदरि छुटिगे पिछने जरा..., धन्य मेरी धनोली धना गोरिया चली भाकुनी.. हिट मेरा मोती ढंगा.., मिछों मिलिट्री को छोरा.. जैसे लोक गीतों पर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर दर्शकों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। लोक गायिका ऋचा जोशी ने गढ़वाली लोकगीत सरिया बसग्याल रुण मां काटी.., कैल बजे मूरूली ऊंचा निसा डांड्यूं मां.. गाकर खूब तालियां बटोरी। राकेश शाह, गीता नेगी, वीरेंद्र रावत, आकाश, विशाल, पंकज कुमार ने लोक गीतों की प्रस्तुति समारोह में समा बांधा।
इस अवसर पर गढ़वाल की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए फिल्म निर्माता जसवंत सिंह रावत, फिल्म निर्देशक देबू रावत, लोक गायिका ऋचा जोशी, सोनिया आनंद, लक्ष्मण सिंह रावत, लोक गायक मणि भारती, साहित्यकार गिरीश बंदूनी के अलावा बलूनी क्लासेज की डायरेक्टर अभिलाषा भारद्वाज, शांति थापा, मंजू नेगी, आशीष जदली को मोनाल सम्मान से सम्मानित किया गया।