कोटद्वार। भैया दूज के साथ ही त्योहार संपन्न होने पर लोग रविवार को एक साथ लौटना शुरू हुए, तो रोडवेज बस स्टैंड पर मारामारी मच गई। रोडवेज डिपो से अतिरिक्त बसें लगाने के बाद भी लोगों को बसों में सीट नहीं मिल पा रही थी। सीट कब्जाने के लिए उन्हें खिड़कियों से बस में पहुंचना पड़ा।
रविवार सुबह नौ बजे से ही रोडवेज बस स्टैंड पर सैकड़ों लोग बसों के इंतजार में खड़े थे। ज्यादातर लोग मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत एनसीआर क्षेत्र में जाने के लिए खड़े थे, लेकिन रोडवेज के शेड्यूल के अनुसार आठ बजे के बाद से आधे घंटे में एक बस मिलने से स्थिति विकट होती जा रही थी। आधे घंटे में एक बस 50 से 60 यात्री ले जा रही थी और तब तक इससे अधिक लोग पर्वतीय क्षेत्रों से एनसीआर रीजन में जाने के लिए कोटद्वार पहुंच रहे थे। दोपहर होते-होते सैकड़ों लोगों की भीड़ कोटद्वार स्टैंड पर जुट गई।
बसों की प्रतीक्षा कर रहे एसपी नैथानी, गुणवंत सिंह, कुलवंत सिंह और मनीषा आदि लोगों का कहना था कि कोटद्वार पर्वतीय क्षेत्र और मैदानी क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण रोडवेज डिपो है। यहां से मैदानी क्षेत्रों में जाने के लिए बस सेवा को प्रभावी किया जाना चाहिए। विरेंद्र सिंह, मो. आलम और गजब सिंह का कहना था कि कभी बस नहीं आती, तो कभी बस पर स्टाफ नहीं आता। बसें नहीं मिलने से उन्हें शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ रही है।
वहीं, भीड़ को देखते हुए रोडवेज डिपो प्रशासन को अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करनी पड़ी। एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि रविवार को 30 बसों को दिल्ली, एनसीआर के लिए चलाया गया है। करीब नौ बसें अतिरिक्त भेजी गई हैं। उधर, यात्रियों की भीड़ को देखते हुए बस स्टैंड क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात दो सिपाहियों के पसीने छूट गए।