फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kotdwar News: ताल घाटी के दर्जनभर से अधिक गांवाें के ग्रामीणों को सड़क खुलने का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
यमकेश्वर। यमकेश्वर ब्लॉक के ताल घाटी के दर्जन भर से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों को कुसुमवाला-कंडरा वन मोटर मार्ग के खुलने का इंतजार है। हर वर्ष बरसात में जून से सितंबर माह तक नदी नालों का पानी बढ़ने से घाटी में यातायात पूर्ण रूप से बंद हो जाता है। बरसात खत्म होने के बाद वन विभाग की ओर से अक्तूबर माह में इस मार्ग की मरम्मत कराकर आवाजाही शुरू कराई जाती है, लेकिन इस बार वन विभाग की ओर से बरसात बीत जाने के डेढ़ माह बाद अभी तक आवाजाही के लिए सड़क नहीं खोली गई है। इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मार्ग को आवाजाही के लिए जल्द खोलने की मांग की है।



ग्रामीण सुखपाल सिंह रावत, सत्यपाल सिंह, दरबान सिंह चौहान, सतीश कैंत्यूरा, सुखबीर सिंह बिष्ट और आनंद सिंह रावत आदि ने कहा कि घोरगड्डी, संसपुरी, बड़वाला, आम काटल, डवल्ड, खैराणा, बादनी, कोटा, दयावाला, कंडरा, साइकिल बाड़ी, शहजादा सहित घाटी के दर्जन भर गांवों की दस हजार आबादी का मुख्य बाजार ऋषिकेश है। ग्रामीण प्रतिदिन कुसुमवाला-कंडरा मोटर मार्ग से आवाजाही करते हैं। हर वर्ष बरसात में जून से सितंबर माह तक नदी नालों के उफान पर होने से इस वन मोटर मार्ग पर यातायात पूर्ण रूप से बंद हो जाता है। जिससे चार माह तक ताल घाटी के इन गांवों का मुख्य बाजार ऋषिकेश से संपर्क पूरी तरह कटा रहता है।
विज्ञापन


हर वर्ष लालढांग रेंज की ओर से 15 अक्तूबर तक कुसुमवाला से कंडरा तक 8 किमी भाग पर जेसीबी लगाकर मार्ग को आवाजाही के लिए खोला जाता है, लेकिन इस वर्ष बजट के अभाव में वन विभाग की ओर से मार्ग को खोलने में हीलाहवाली की जा रही है। स्थिति यह है कि लोग रोजमर्रा जरूरत के सामान के लिए ऋषिकेश बाजार और बीमार, बुजुर्ग, प्रसव वाली महिलाएं स्वास्थ्य जांच के लिए ऋषिकेश अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 15 नवंबर के बाद गांवों में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। मार्ग बंद होने से बाजार से शादी का सामान, राशन गांव तक पहुंचाने में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें छोटे वाहनों से 38 किमी का अतिरिक्त सफर तय कर कौड़िया-किमसार-धारकोट मार्ग से कांडाखाल, खैराना होते हुए ताल घाटी पहुंचना पड़ रहा है। गंगा भोगपुर के रास्ते विंध्यवासिनी से ताल की दूरी 12 किमी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से सड़क खुलवाने की मांग की है।
विज्ञापन




.

बजट के अभाव में कुसुमवाला-कंडरा वन माेटर मार्ग की मरम्मत अभी तक नहीं हो पाई है। जैसे ही बजट उपलब्ध होता है, तो मरम्मत कर प्राथमिकता से सड़क खोल दी जाएगी।



आकाश गंगवार, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग कोटद्वार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें