2000 कर आबादी पांच किमी दूर स्रोतों से ला रही पानी
जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत स्रोत सूखने से अंदरसौं पंपिंग पेयजल योजना ठप पड़ी है। ऐसे में करीब 12 से अधिक गांवों में पिछले नौ दिनों से पेयजल संकट बना है। स्थिति यह है कि ग्रामीण पांच किमी. दूर स्रोतों से सिर पर पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। जब स्रोतों से पानी पूरा नहीं पड़ रहा है तो टैंकर मंगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी यदि जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश रावत, ग्राम प्रधान शोभा देवी, मनवर सिंह, पूर्व प्रधान दिनेश सिंह, देवेंद्र सिंह, हरी सिंह, मनवर सिंह आदि ने बताया कि उनेरी, पलीगांव, अंदरसौं, नयेड़ी, घेड़ी, मजूली, कोलागाड, ढाबखाल, डाबरी वल्ली, डाबरी पल्ली समेत आसपास के कई गांवों में अंदरसौं पंपिंग पेयजल योजना से आपूर्ति होती है। मगर पिछले नौ दिनों से पेयजल योजना ठप पड़ी है। ऐसे में 2000 की आबादी पेयजल संकट झेल रही है।
कहा कि सभी स्थानीय स्रोत सूख चुके हैं जिससे ग्रामीणों को पांच किमी. दूर स्थित स्रोत से सिर पर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। या फिर टैंकर मंगाकर काम चलाना पड़ रहा है। कहा कि विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
कोट
पेयजल योजना के मोटर की बैरिंग खराब होने के कारण पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। बैरिंग को ठीक करा लिया गया है। टैंक को भरने के बाद सोमवार से प्रभावित गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। फिलहाल व्यवस्था के तौर पर टैंकरों से भी पेयजल आपूर्ति की जा रही है। - किरन कुमार, जेई जल संस्थान कोटद्वार।