पहली बार कोटद्वार पहुंचे जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कोटद्वार तहसील मुख्यालय में जनता दरबार लगाकर जन समस्याएं सुनीं। डीएम के जनता दरबार में पानी, सड़क, अतिक्रमण और पेंशन के मामले छाए रहे। जनता दरबार में लोगों ने 53 शिकायतें दर्ज कराईं, जिसमेें से 21 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर लोगों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को तहसील सभागार में लोगों ने डीएम के सामने अपनी समस्याएं रखीं। झंडीचौड़ के पूरण सिंह ने क्षेत्र में एक लाख की लागत से स्वीकृत ओवरहैड टैंक नहीं बनने और सड़क पर टूटी स्लिप से खतरे की शिकायत की। काशीरामपुर के मंगल सिंह रावत ने पिछले 12 दिन से क्षेत्र में पानी नहीं आने की शिकायत की।
प्रताप सिंह सैनी ने पीएमजीएसवाई योजना का लाभ नहीं दिए जाने का मामला उठाया। सेवानिवृत्त राजस्व कर्मी रामेश्वर प्रसाद ने अपने ही विभाग पर उन्हेें चार वर्षों से जीपीएफ नहीं दिए जाने का आरोप लगाया। प्रीति साहनी ने सरकारी अस्पताल में बेटी की प्रसव के दौरान मृत्यु का मामला उठाया।
सामाजिक कार्यकर्ता मुजीब नैथानी ने शहर में हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण के सवाल पर नगर पालिका की भूमिका पर सवाल उठाए। रत्ना देवी ने उन्हें दो वर्षों से विधवा पेंशन नहीं दिए जाने की शिकायत की। करण डोगरा ने नगर पालिका पर मोटर नगर स्थित पर्यटन केंद्र के रास्ते को बंद करने की बात कही।
भगवती प्रसाद कंडवाल ने इंटर कालेज कांडाखाल लंगूर में शिक्षकों की तैनाती नहीं होने की शिकायत की। डीएम सुशील कुमार ने अधिकारियों को समस्याओं को गंभीरता के साथ लेते हुए शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम राकेश तिवारी, सीओ जेआर जोशी समेत सभी विभागीय अधिकारी मौजूद थे।