दुगड्डा ब्लॉक के पुरानकोट ग्राम पंचायत के बंगला गांव में गुलदार के हमले में एक महिला घायल हो गई। परिजनों ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां चिकित्सकों ने उसे उपचार के बाद छुट्टी दे दी। परिजनों ने बताया कि पूरा इलाका गुलदार की दशहत में है। गांव में कई मवेशियों को गुलदार निवाला बना चुका है।
घटना बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे की है। महिला के परिजनों ने बताया कि तड़के नसीफन बेगम पत्नी सरफूदीन घर का दरवाजा खोलकर बाहर खुले बरामदे में आ रही थी, तभी वहां घात लगाकर बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। गुलदार ने महिला के सिर पर पंजे मारे। शोर सुनते ही अंदर सो रहे परिजन लाठी डंडे लेकर बाहर निकले तो गुलदार झाड़ियों में गायब हो गया। महिला को परिजन 108 सेवा की मदद से राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार लाए। चिकित्सकों ने बताया कि महिला के सिर पर पंजों के निशान लगे थे, जिससे सिर पर टांके लगाने पड़े।
पुरानकोट की प्रधान रोशन बेगम और उनके पति मुस्ताक अली ने बताया कि बंगला, पुरानकोट, चंडा, कोलीगांव, जुआ और भेड़गांव में गुलदार का आतंक बना हुआ है। एक सप्ताह से गुलदार हर दिन मवेशियों को निवाला बना रहा है। अब गुलदार लोगों पर भी हमला करने लगा है। बच्चों और बुजुर्गों को अकेला छोड़ना खतरे से खाली नहीं है। वन विभाग को सूचना भेजी गई है।
काशीरामपुर मल्ला में घुसा गुलदार, दहशत
शहर से सटे काशीरामपुर गांव में बुधवार की रात गुलदार ने एक कुत्ते को निवाला बना लिया। गांव में गुलदार दिखने से लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गुलदार को पिंजरे में कैद नहीं किया गया तो किसी के साथ भी अनहोनी हो सकती है। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से गुलदार की दहशत से निजात दिलाने की गुहार लगाई है।
वन सीमा से सटे सनेह पट्टी के गांवों में गुलदार की धमक थमने का नाम नहीं ले रही है। शहर से सटे काशीरामपुर गांव में भी गुलदार के धमकने से लोग दहशतजदा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि काशीरामपुर मल्ला शहर से सटा होने के कारण यहां दिन-रात लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ट्रांसपोर्ट और ऑटो समेत कई व्यवसायों से जुड़े लोग तड़के घर से निकलते हैं। ऐसे में घात लगाए बैठा गुलदार लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
प्रधान सुनीता देवी का कहना है कि बुधवार रात को गांव के प्रेमनगर मोहल्ले में एक गुलदार ने करीब चार बजे गांव के संजय राणा के कुत्ते को निवाला बना डाला। इस क्षेत्र में कई दिनों से गुलदार सक्रिय है, जिसकी सूचना वन विभाग के साथ ही स्थानीय प्रशासन को दी गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
प्रधान ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनकी अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर गुलदार से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। ग्रामीण संजय राणा का कहना है कि प्रेमनगर में गुलदार रेल पटरी से सटे पनियाली नाला होते हुए
जंगलों से आबादी में घुस रहा है।
उधर, सनेह क्षेत्र में भी गुलदार दिख रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों से निकलकर गुलदार आबादी में धमक रहा है। दस अप्रैल को एक बच्चे पर हमले की घटना के बाद से लोग शाम ढलते ही बच्चों की सुरक्षा के लिए परेशान हो उठते हैं। कोटद्वार के रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल का कहना है कि काशीरामपुर क्षेत्र में भी स्टाफ की गश्त कराई जाएगी।