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मृतकों, भूमिहीनों को बांटे मडुवा बीज खरीद के चेक

Wed, 03 Aug 2016 10:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पौड़ी
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सरकार की ओर से किसानों को बीजों पर दिए जा रहे अनुदान में भारी गड़बड़झाला हुआ है। संबंधित विभाग ने वास्तविक किसानों को सब्सिडी का लाभ देने के बजाय मृतकों के परिजनों और भूमिहीनों को बीज खरीद पर अनुदान के चेक थमा दिए। पंद्रह साल पहले जिस व्यक्ति का निधन हो चुका है, उसके नाम से भी अनुदान के चेक बना दिए गए।
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पर्वतीय अंचल के दूरस्थ गांवों से पलायन रोकने के लिए सरकार ने छोटे किसानों को मडुवा, स्थानीय/परंपरागत फसलों के बीजों पर 75 फीसदी अनुदान देना तय किया गया है। बीज खरीद पर केवल 25 प्रतिशत राशि ही किसान को देनी होती है। मौसमी दालों और उन्नत किस्म के धान-गेहूं के बीजों पर भी अनुदान दिया जाता है।

बीज खरीदने के बाद किसानों को उस पर मिलने वाली अनुदान की राशि को कृषि विभाग चेक के जरिए वितरित करता है। पौड़ी जनपद के तमाम विकास खंडों में अनुदान राशि के चेक बांटे गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र प्रसाद बडूनी ने कहा कि पोखड़ा ब्लाक के कई गांवों में मृतकों के नाम से या भूमिहीनों को सब्सिडी के चेक बांट दिए गए हैं।
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पात्र लोगों को भी अनुदान राशि के वितरण में भेदभाव किया गया है। पोखड़ा विकासखंड के ग्राम हरूली निवासी सुरेंद्र कुमार जोशी को 280 रुपये का चेक दिया गया है। ग्राम सभा मजगांव-बसूर में ग्रामीणों को दो सौ, तीन सौ, चार सौ रुपये तक के चेक बांटे गए हैं।

भूमिहीनों को बांटे चेक
पोखड़ा विकासखंड के पट्टी तलाई-3 के ग्राम पाली में प्रवेश कुमार के नाम कोई भूमि दर्ज नहीं है। इन्हें 224 रुपये का चेक दिया गया है। ग्राम पाली के ही मुकेश कुमार और ग्राम पाटी के कुंज बिहारी को भी 224 रुपये का चेक दिया गया है, जबकि इनके नाम राजस्व अभिलेखों में कोई जमीन दर्ज नहीं है।

सीएम को लौटाएंगे चेक
ग्राम पाली निवासी प्रवेश कुमार बडूनी ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में उनके नाम कोई भूमि दर्ज नहीं है। फिर भी उनके नाम से 168 रुपये का चेक आया है। वे चेक को मुख्यमंत्री हरीश रावत को भिजवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो वास्तविक हकदार हैं, जिन किसानों के नाम भूमि है, उन्हें मदद मिलनी चाहिए।

ग्राम सभा के तीन मृतकों के नाम से चेक आए थे। तहसील दिवस पर कृषि विभाग को ये चेक वापस कर दिए गए हैं।
-रेनू देवी, प्रधान ग्रामसभा हरुली-पाली

जांच की जाएगी। गलत चेक बनाने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वास्तविक किसान जो खेती कर रहे हैं, उन्हें अनुदान राशि बंटवाने की व्यवस्था की जाएगी।
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- डा. देवेंद्र सिंह राणा, मुख्य कृषि अधिकारी
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