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मकर संक्रांति मेले में प्रतिबंध के बाद भी उमड़ी भीड़

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मकर संक्रांति पर्व पर प्रतिबंध के बावजूद डाडामंडी गेंद मेला मैदान में उमड़ी भीड़। - फोटो : KOTDWAR
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कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद मकर संक्रांति पर डाडामंडी गेंद मेले में सैकड़ों की संख्या में भीड़ उमड़ी। नजीबाबाद, बिजनौर और मुजफ्फरनगर समेत मैदानी इलाके से बड़ी संख्या में दुकानदार यहां पहुंचे हुए थे लेकिन प्रशासन को इसका पता तक नहीं चला। लोगों ने इन दुकानों से जमकर खरीदारी भी की। ग्रामीणों ने यहां लगी चर्खियों का भी आनंद उठाया। मेले में उमड़ी बाहरी लोगों और दुकानदारों की भीड़ के कारण कोरोना संक्रमण के गांव-गांव तक फैलने की आशंका बढ़ गई है।
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द्वारीखाल ब्लाक के डाडामंडी और यमकेश्वर के थलनदी में कोरोना संक्रमण के कारण मकर संक्रांति मेले का आयोजन स्थगित कर दिया गया था। इसके बावजूद यहां नजीबाबाद, बिजनौर और मुजफ्फरनगर समेत मैदानी इलाके से बड़ी संख्या में दुकानदार यहां पहुंचे और दुकानें सजा लीं। यही नहीं मेले में कई स्थानीय लोगों ने भी दुकानें लगा ली और सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी मेले में उमड़ पड़े। राजस्व पुलिस क्षेत्र होने के कारण यहां शांति और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन और राजस्व पुलिस पर थी, लेकिन यहां पूरी तरह से लापरवाही बरती गई, जिससे गांव-गांव तक कोरोना संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है। मेले में कोरोना गाइडलाइन की भी जमकर धज्जियां उड़ीं। यहां तक कि मास्क लगाने के प्रति भी लोग सजग नहीं रहे। तहसील प्रशासन और राजस्व पुलिस की ओर से भी गाइडलाइन का पालन कराने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए थे।
कोट
मेला समितियों को पूर्व में ही इस बारे में आगाह किया जा चुका था। बृहस्पतिवार को खुद डाडामंडी पहुंचकर बाहर से आए दुकानदारों को वहां से लौटने के निर्देश दिए थे। मामले की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विकास अवस्थी, तहसीलदार, कोटद्वार।
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परंपरा निभाई गई, पूूजा के बाद खेत में गाड़ दी गई गेंद
दुगड्डा। कोरोना संक्रमण के कारण इस साल गेंद नहीं खेली गई, लेकिन मेला समिति और आयोजकों की ओर से परंपरा का निर्वहन किया गया। गेंद मेले के लिए विशेष रूप से बनाई गई गेंद की विधिवत पूजा मेले के संस्थापक पंडित छवाणाराम तिवारी के वंशजों की ओर से की गई। गांव के नृसिंह भगवान के मंदिर में पूजा अर्चना के बाद मेला समिति व तिवारी परिवार की सहमति पर गेंद को खेत में गाड़ दिया गया। इस अवसर पर मेला के संस्थापक तिवारी परिवार की ओर से ओमप्रकाश तिवारी, हरीश तिवारी, आशीष तिवारी, पंडित सुदर्शन जुयाल, गेद मेला समिति के अध्यक्ष प्रमोद चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य यशपाल सिंह रावत, प्रधान चंद्रमोहन चौधरी आदि मौजूद थे।
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