ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच की ओर से नशामुक्ति दिवस पर गोष्ठी और गढ़वाली कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। गोष्ठी में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और पलायन पर चिंता जताई गई। साथ ही नशे से दूर रहने के लिए युवाओं को जागरूक करने की बात कही गई। वहीं कवि सम्मेलन कवियों ने अपनी रचनाओं से सामाजिक समस्याओं पर कटाक्ष किया।
बालासौड़ स्थित एक रिजॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ पीजी कालेज कोटद्वार के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. नंद किशोर ढौंडियाल ‘अरुण’ और डॉ. नागेंद्र प्रसाद ध्यानी ने संयुक्त रूप से किया। डॉ. नद किशोर ढौंडियाल ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए युवाओं का मार्गदर्शन करने और मद्य निषेध लागू करने पर जोर दिया। कहा कि अभिभावकों को अपने पाल्यों के प्रति सजग रहना होगा। डॉ. नागेंद्र ध्यानी ने पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डाला और नए लेखकों को आमंत्रित किया। अध्यक्ष प्रवेश नवानी ने पलायन रोकने और उत्तराखंड में भू अध्यादेश लागू करने पर जोर दिया। इस मौके पर शिव प्रसाद कुकरेती की अध्यक्षता में आयोजित गढ़वाली कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक समस्याओं पर कटाक्ष किया। अनुसूया प्रसाद डंगवाल ने दाह चालीसा, महेशानंद गौड़ ने झमझम भूमि डाली..., दिनेश ध्यानी ने गढ़ व्वे हो लगाणी च..., डॉ. चंद्रमोहन बड़थ्वाल ने आज पहाड़ मा दारू..., जगदीश प्रसाद भारद्वाज ने हरेला, मोहिनी नौटियाल ने डाली पैंया डाली..., सरिता मैंदोला ने कोरोना, डॉ. केएस चौहान, रिद्धि भट्ट ने समलौणा रै गैनि... की प्रस्तुति दी। इस मौके पर सर्वोदय सेविका शशि प्रभा रावत, महासचिव जनार्दन प्रसाद ध्यानी, पंकज ध्यानी, शशि किरण कंडवाल, अनीता कैंथोला, संजय नवानी, भगवती भारद्वाज, वीरेंद्र गुसाईं, नरेंद्र सिंह रावत, प्रेम सिंह रावत, ओम प्रकाश बड़थ्वाल, प्रभाकर ध्यानी, राकेश चंद्र नैथानी, देवी प्रसाद कंडवाल और कर्नल बीबी ध्यानी (से.नि.) आदि मौजूद रहे।