आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बाल विकास विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग (डीपीओ) पौड़ी ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों और ब्लाक प्रभारियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आईसीडीएस कैस डैश बोर्ड में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि अंतिम नोटिस के बाद भी काम पर न लौटे तो सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
डीपीओ ने अपने पत्र में कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व में दी गई सूचना के बाद भी आईसीडीएस कैस डैश बोर्ड में उपस्थिति दर्ज नहीं की है। कहा कि हड़ताल के कारण टीएचआर एवं टीकाकरण जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी गंभीरता से लाभार्थी को प्रदान नहीं की जा रही हैं। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारियों और प्रभारियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अंतिम नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। कहा यदि अंतिम नोटिस के बाद भी काम पर न लौटने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नोटिस में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चयन संबंधी नियमों का हवाला देते हुए तीन दिन तक आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने पर बर्खास्त करने निर्देश दिए है। बाल विकास परियोजना अधिकारी दुगड्डा जीतेंद्र कुमार ने बताया कि दुगड्डा ब्लॉक में 146 आंगनबाड़ी वर्कर, सात मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 159 सहायिकाओं को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
कार्यकर्ताओं की हड़ताल जारी
कोटद्वार। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और सेविका संगठन की सात सूत्री मांगों को लेकर तहसील में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन बुधवार को 47वें दिन भी जारी रही। उन्होंने विभाग पर आंदोलन को कुचलने का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग की ओर से जिला स्तर के बाद अब ब्लॉक स्तर पर भी हड़ताल समाप्त कर आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। धरना-प्रदर्शन करने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष दुगड्डा सुनीता देवी, पूर्व जिलाध्यक्ष बसंती रावत, कृष्णा बलूनी, हेमलता, ऊषा देवी, मुन्नी रावत, नीमा जोशी, बबीता नेगी, अंबिका रावत, सविता देवी, विनीता मलासी, रश्मि नेगी, रोशनी देवी, अनामिका देवी, सावित्री देवी, प्रभा जोशी, शीतल गुसाईं आदि शामिल रहे।