यमकेश्वर ब्लॉक के जंगलों में लगी आग के निषणी गांव में पहुंचने से तीन मकान और एक गोशाला जलकर खाक हो गए। इसमें तेरह मुर्गों समेत सोलह मवेशी जिंदा जलकर मर गए।
मंगलवार दोपहर गांव के नीचे जंगलों में लगी आग हवा के चलने के साथ ही गांव तक पहुंच गई।
इसकी चपेट में आने से रुपेंद्र सिंह, राजपाल सिंह और ध्यानपाल सिंह पुत्र बचन सिंह के मकान जलकर राख हो गए। इसमें घरों में रखा सामान भी जलकर खाक हो गया। साथ ही रुपेंद्र सिंह की एक बकरी व छह मुर्गे, राजपाल सिंह के सात मुर्गे और ध्यानपाल सिंह के दो बछड़े आग में जलकर मर गए। गनीमत यह रही कि घर का कोई अन्य सदस्य इसकी चपेट में नही आया। मौके पर पहुंचे राजस्व निरीक्षक प्रीतम सिंह रावत ने नुकसान का जायजा लिया।
ग्राम प्रधान सुदामा देवी ने बताया कि गांव में आग लगने की जानकारी जिलाधिकारी पौड़ी को दे दी गई है। साथ ही पीड़ितों को मुआवजा देने की भी मांग की गई है। ग्रामीण कीर्ति सिंह और मनोज सिंह का कहना था कि यदि गांव की नहरों और पेयजल लाइनों में समुचित पानी आ रहा होता तो नुकसान को कम किया जा सकता था। उधर, बैजरो के स्यूंसी के जंगलों में लगी आग देवेश्वरी देवी की गोशाला तक पहुंच गई। आग इतनी भयानक थी कि गोशाला में बंधी एक भैंस की मौत हो गई।
कालागढ़ के रेंज अधिकारी आरके भट्ट के अनुसार आग पर काबू पाया जा चुका है। कर्मचारी आग को वनों में आगे जाने से रोकने में लगे हैं। आबादी क्षेत्रों के नजदीक वनों में लगी आग के मामले की जांच तेजी से चल रही है।