बरसात बीतने के एक माह बाद भी कम नहीं हुआ नदी का जलस्तर
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के गाड़ियूंपुल-चिलाऊं मोटर मार्ग पर कातेड़ा नदी में एक दशक बाद भी पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। पुल नहीं बनने से रिखणीखाल और नैनीडांडा ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बरसात बीतने के एक माह बाद भी नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। वहीं, निर्माण स्थल पर पुल के लिए रखी सामग्री जंग खा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, उनकी मांग पर वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत गाड़ियूंपुल से उपगांव तल्ला तक पांच किलोमीटर सड़क को मंजूरी मिली थी। बाद में सड़क का सौंपखाल तक 1.5 किलोमीटर और कालीलांगू तक दो किलोमीटर विस्तार किया गया। सड़क निर्माण के बाद कातेड़ा नदी पर पुल बनाने का काम शुरू हुआ। नदी के दोनों छोर पर पिलर भी तैयार कर दिए गए, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य बंद हो गया।
ग्राम प्रधान शकुंतला देवी, मंजू देवी और ग्रामीण धनवीर सिंह व सुनील नेगी का कहना है कि बरसात समाप्त हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नदी का जलस्तर अब भी काफी अधिक है। पुल नहीं होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए नदी में उतरकर आवाजाही करनी पड़ रही है। उन्होंने पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है।
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पुल निर्माण के लिए 1.22 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिल चुकी है। हरिद्वार के बहादराबाद में पुल का सामान तैयार हो चुका है। अगले तीन माह में पुल तैयार करा लिया जाएगा।
-पान सिंह बिष्ट, ईई पीएमजीएसवाई बैजरो