श्रीनगर। नए साल में राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध बेस अस्पताल में गुर्दा संबंधी दिक्कत झेल रहे मरीजों की परेशानी दूर होने की उम्मीद है। एनसीडीपी (असंक्रामक रोग कार्यक्रम) के तहत स्वास्थ्य विभाग ने कालेज प्रशासन को बेस अस्पताल में डायलिसिस केंद्र हेतु स्थान चयन करने के लिए कहा है। विभाग का पत्र मिलने के बाद प्राचार्य ने स्थान चयन हेतु तीन सदस्य कमेटी गठित की है।
मालूम हो कि लगभग चार साल पूर्व बेस अस्पताल में मरीजों का डायलिसिस होता था, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की वजह से डायलिसिस सुविधा मिलनी बंद हो गई। जबकि अस्पताल में डायलिसिस तकनीशियन सालों से कार्यरत है। गढ़वाल के केेंद्र बिंदु में स्थित बेस अस्पताल श्रीनगर में डायलिसिस बंद होने के चलते मरीजों को मैदानी क्षेत्रों के निजी केंद्रों में जाना पड़ता है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. चंद्रमोहन रावत ने बताया कि डायलिसिस केंद्र स्थापना के संबंध में चिकित्सा महानिदेशक का पत्र मिला है। अस्पताल में नॉन कम्युनिकेबल डिजीज प्रोग्राम के तहत डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में जगह उपलब्ध कराने हेतु चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन, सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. बेअंत सिंह और जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. कलम सिंह बुटोला की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट मिलने पर डीजी हेल्थ को भेज दी जाएगी।