दुगड्डा ब्लाक के अंतर्गत चौदह किमी लंबे नालीखाल-पोखरीखेत मोटर मार्ग पर तीन-तीन कार्यदायी एजेंसी काम कर रही हैं, इसके बावजूद सड़क बदहाल है। एक सप्ताह से सड़क पर टूटे पुश्तों का निर्माण नहीं हो सका है जिसके चलते क्षेत्रवासी पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। सड़क जल्द नहीं खुली तो बरसात के दिनों में कई गांवों में खाद्यान संकट पैदा हो सकता है। हाल यह है कि सड़क टूटने से यहां घोड़े-खच्चरों से माल की ढुलाई हो रही है।
गत 22 जून को क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते नालीखाल-पोखरीखेत मार्ग पर करीब तीस मीटर की पूरी सड़क ढह गई है। यहां पर मात्र दो मीटर की पगडंडी बची है, जिस पर लोग पैदल आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों की दिक्कत यह है कि एक सप्ताह बाद भी सड़क को यातायात लायक नहीं बनाया जा सका है।
तीन-तीन कार्यदायी एजेंसियां कार्य कर रही
यह हाल तब है जब इस सड़क पर लोक निर्माण विभाग की तीन-तीन कार्यदायी एजेंसियां काम कर रही हैं। पहले छह किमी का चौड़ीकरण और डामरीकरण का काम लोनिवि का एडीबी खंड-दो दुगड्डा देख रहा है। बीच के एक किमी पर लोनिवि प्रांतीय खंड दुगड्डा काम कर रहा है। सात किमी से चौदह तक डामरीकरण का काम विश्व बैंक खंड लोनिवि पौड़ी देख रहा है। उनके क्षेत्राधिकार वाली इस सड़क पर बारिश ने करीब तीस मीटर का पैच का पूरा पुश्ता गायब कर दिया है। दर्जनों गांवों के लोग एक सप्ताह से पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं।
भाजपा के दुगड्डा पर्वतीय मंडल के अध्यक्ष और जौरासी के प्रधान चंडीप्रसाद कुकरेती, एमएल भारती, जीएल केष्टवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य हर्षवीर सिंह बिष्ट, यशवीर सिंह, चन्द्रमोहन और मानेश्वरी देवी का कहना है कि इस सड़क को जल्द से जल्द बनाकर यातायात शुरू कराया जाना चाहिए।
सड़क का बड़ा हिस्सा टूटकर ढह गया है। जिसे यातायात लायक बनाने में कम से कम पंद्रह दिन लगेंगे। सड़क पर काम करने वाले ठेकेदार को पुश्तों का निर्माण शुरू करने के लिए कह दिया गया है। विभाग का प्रयास है कि सड़क को जल्द खोल दिया जाए।
- एमएम काला, अधिशासी अभियंता, विश्व बैंक खंड लोनिवि, पौड़ी