फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोटद्वार रेलवे स्टेशन के आएंगे अच्छे दिन, एक और प्लेटफार्म बनेगा

विज्ञापन
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार का रेलवे स्टेशन। - फोटो : KOTDWAR
विज्ञापन
अंग्रेजों के जमाने में वर्ष 1885 में बने कोटद्वार रेलवे स्टेशन के अच्छे दिन आने वाले हैं। स्टेशन को जल्द एक नए प्लेटफार्म की सौगात मिलेगी। इसके लिए उत्तर रेलवे के मुुरादाबाद डिविजन को स्टेशन पर नए प्लेटफार्म निर्माण का प्रपोजल भेजा गया है। दो प्लेटफार्म होते ही कोटद्वार में जहां ट्रेनों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, वहीं ओवरब्रिज भी बनेगा। इसके लिए रेलवे के यातायात निरीक्षक मुरादाबाद रेलवे स्टेशन का मौका मुआयना भी कर चुके हैं।
विज्ञापन

गढ़वाल का प्रवेश द्वार कोटद्वार ब्रिटिश काल में ही रेल सेवा से जुड़ गया था। आजादी के बाद नब्बे के दशक में कोटद्वार को मॉडल रेलवे स्टेशन घोषित किया जा चुका है। यहां के लिए घोषित डबल रेल लाइन भले ही अभी तक नहीं बिछ पाई है, लेकिन नए साल में रेलवे को काफी सौगात मिल सकती हैं। कोटद्वार-नजीबाबाद रेलमार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन के लिए विद्युतीकरण का काम लगभग पूरा हो गया है। इस ट्रैक पर जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन भी दौड़ने लगेगा। स्टेशन पर ट्रैक के एक ओर प्लेटफार्म है, जबकि ट्रैक के दूसरी ओर रेलवे की जमीन खाली पड़ी है। कोटद्वार स्टेशन की ओर से मुरादाबाद डिवीजन को भेजे गए प्रपोजल में स्टेशन से संचालित होने वाले ट्रेनों में बढ़ोत्तरी और एक ओवरब्रिज की मांग भी शामिल है। हाल में रेलवे के मुरादाबाद यातायात निरीक्षक भी स्टेशन पर पहुंचकर यहां प्लेटफार्म निर्माण की संभावना तलाशी। रेलवे अधिकारियों की मानें तो कोटद्वार रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म निर्माण की कवायद चल रही है। नजीबाबाद स्टेशन से गजरौला के लिए चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को भी कोटद्वार से संचालित करने पर विचार चल रहा है। पखवाड़ेभर पहले राज्य सरकार की ओर से कोटद्वार में जीआरपी की लक्सर थाने से संबद्ध एक चौकी खुलने की मंजूरी मिल चुकी है। जिसके लिए भूमि और भवन तलाशने का काम चल रहा है।
क्षेत्रवासियों को भी मिलेगी राहत
रेलवे स्टेशन पर ट्रैक के दूसरी ओर नए प्लेटफॉर्म बनने से यात्रियों को ट्रैक के दूसरी ओर जाने के लिए ओवरब्रिज की सुविधा मिलेगी या फिर रेलवे की ओर से अन्य कोई समाधान निकाला जाएगा। जिसका लाभ स्थानीय नागरिक भी उठा सकेंगे। दरअसल, स्टेशन के दूसरी ओर स्थित लकड़ीपड़ाव, काशीरामपुर, गाड़ीघाट, लालपानी की अधिकांश जनता और स्कूल बच्चे बाजार आने-जाने के लिए रेलवे स्टेशन से होकर गुजरते है। जिससे अनहोनी का अंदेशा बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोटद्वार स्टेशन पर नए प्लेटफार्म के लिए प्रपोजल भेजा गया है। यह मामला विचाराधीन हैं।
- मनोज रावत, स्टेशन अधीक्षक कोटद्वार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें