एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के एक गुट ने रेशनलाइजेशन (ढांचा पुनर्गठन) प्रक्रिया में वरिष्ठता प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू कर दिया है। अपनी मांग मनवाने के लिए कर्मचारी क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं। इस मौके पर उन्होंने विवि के कुलसचिव का घेराव भी किया। उन्होंने कुलपति की अपील को ठुकराते हुए आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
वर्तमान में चल रही पुनर्गठन प्रक्रिया से असंतुष्ट कर्मचारियों के एक गुट ने बृहस्पतिवार को कुलसचिव डॉ. एसके झा का घेराव करते हुए रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पदनाम व वेतनमान संशोधन (पुनर्गठन) के निर्धारण में कई कर्मचारियों की वरिष्ठता प्रभावित हो रही है। विवि डाटा इंट्री ऑपरेटर का समायोजन एलडीसी (लोअर डिवीजनल क्लर्क) और एमटीएस (मल्टी टास्क सर्विस) के प्रोन्नत पदों पर पर कर रहा है। इसको सहन नहीं किया जाएगा।
कुलसचिव के साथ वार्ता का कोई निर्णय नहीं निकलने पर विवि कर्मचारी परिषद के पूर्व अध्यक्ष भारत सिंह रावत और बुद्धिबल्लभ चमोली क्रमिक अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि गत 13 अप्रैल को विवि को ज्ञापन सौंपते हुए इस संबंध में विरोध प्रकट किया था लेकिन विवि ने इस पर विचार नहीं किया। दोपहर बाद कुलपति जेएल कौल ने आंदोलनरत कर्मचारियों से वार्ता की। उन्होंने कमेटी गठित कर आवश्यक संशोधन करने का आश्वासन दिया लेकिन कर्मचारी माने नहीं। प्रदर्शन में परिषद के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, रविद्र सिलवाल और देवेंद्र फरस्वाण आदि शामिल थे।