आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने समान कार्य के लिए समान वेतन देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को बाल विकास कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय से कार्मिकों को बाहर कर प्रवेश द्वार पर तालाबंदी की और सरकार पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि 24 सितंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में धामी सरकार ने संगठन की मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुशल श्रेणी कर्मी हैं या अकुशल श्रेणी के कर्मी। साथ ही उन्होंने अन्य विभागीय कार्यों से मुक्त करने और समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग भी की। तालाबंदी करने वालों में संगठन की अध्यक्ष ऊषा गोस्वामी, उपाध्यक्ष अंबिका, सचिव पुष्पा देवी, कोषाध्यक्ष संपत्ति देवी, सदस्य सुनीता देवी, बसंती रावत, मीना देवी, संगीता, शर्मिला देवी, पुष्पा देवी और अनीता आदि शामिल रहे।
आशाओं ने की मानदेय बढ़ाने की मांग
कोटद्वार। सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत 12 सूत्री मांगों के समर्थन में उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का कार्य बहिष्कार 58वें दिन भी जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कहा कि सरकार सभी विभागों के कर्मचारियों का वेतन बढ़ा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ आशाओं की परेशानी सरकार को नजर नहीं आ रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से अन्य कर्मचारियों की तरह उनका मानदेय भी बढ़ाने की मांग की। चेताया कि जब तक उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं होगी उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इस अवसर पर दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष प्रभा चौधरी, उपाध्यक्ष मीरा नेगी, रंजना कोटनाला, नीलम कुकरेती, सुमित्रा भट्ट, कुसुम, बनेश्वरी देवी, रोशनी, कल्पना काला, मीनाक्षी, गोदांबरी, यशोदा जखमोला, सुमन रौथाण, विमला जोशी, सीमा शाही, मंजू नेगी और उषा देवी आदि मौजूद थे। संवाद