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Kotdwar News: खोह नदी में चैनलाइजेशन न होने पर भड़के प्रभावित परिवार

Wed, 16 Aug 2023 07:48 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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तहसील पहुंचकर जताया आक्रोश, एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर जताई दिक्कत
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। आपदा के तीन दिन बाद भी खोह नदी में चैनलाइजेशन का काम न कराए जाने से आक्रोशित प्रभावित परिवारों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम सोहन सिंह सैनी को ज्ञापन सौंपा। प्रभावित परिवारों ने उन्हें मुआवजा देने और खोह नदी में चैनलाइजेशन कर नदी का बहाव बीच में करने की मांग उठाई।
एसडीएम से वार्ता के दौरान प्रभावित परिवारों ने कहा कि विगत 13 अगस्त को आई आपदा के दौरान वार्ड नंबर-4 विकासनगर गाड़ीघाट में करीब 20 मकान खोह नदी में आई बाढ़ में बह गए जबकि कई अन्य मकानों को खतरा हो गया है। आपदा के तीन दिन बाद प्रशासन की ओर से खोह नदी में न तो चैनलाइजेशन कराया जा रहा है और न ही आवासीय मकानों की सुरक्षा के लिए दीवार बनाई जा रही है जिससे 300 परिवारों के बेघर होने की आशंका बनी हुई है। एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने तत्काल नदी में चैनलाइजेशन का काम शुरू कराने का भरोसा दिया है। ज्ञापन सौंपने वालों में सौरभ, जीतेंद्र, दीवान, शौकी, सुरेंद्र, विनोद कुमार, सलीम, किशान लाल, बाल किशन, माया, राम प्यारी, राजकुमारी, कमलेश, संजीदा, सिम्मी, हरीश चंद्र, लक्ष्मी, मंजू, मुस्कान, सीमा, फईमा, सानिया, अलीसा, अंजुम, दमयंती देवी आदि शामिल रहे।
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आपदा प्रभावित परिवारों की संख्या 150 के पार पहुंची

कोटद्वार। बीते 8 व 13 अगस्त की रात को पनियाली और खोह नदी के उफान से आई आपदा से समूचा कोटद्वार में भारी तबाही मची है। सबसे अधिक कहर खोह नदी ने बरपाया। खोह नदी का रुख गाड़ीघाट और काशीरामपुर तल्ला में आबादी की ओर होने से जहां 25 मकान बह गए जबकि 15 भवन क्षतिग्रस्त हो गए। खोह नदी की आपदा ने तटवर्ती आबादी को संभलने का मौका नहीं दिया। घरों में पानी भरने की भनक लगते ही लोग बच्चों के साथ बाहर निकल पाए जिससे लोगों की जान बच गई। इस आपदा में 150 परिवार प्रभावित हुए हैं।
तहसील प्रशासन की मानें तो आपदा प्रभावित परिवारों की संख्या 150 के पार जा चुकी है। उन्हें खाने के लिए अहैतुक सहायता के रूप में 5000 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। नापखेत की भूमि पर बने निजी भवनों की पूर्ण क्षति होने पर ही मुआवजे का प्रावधान है। बुधवार सुबह तक 90 प्रभावित परिवारों को पांच हजार के चेक संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक के माध्यम से दिए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन प्रभावित परिवार इसे ऊंट के मुंह में जीरा बता रहे हैं। विधान सभा अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूड़ी का कहना है कि मुश्किल की इस घड़ी में प्रशासन की ओर से प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन के साथ ही तहसील प्रशासन अलर्ट मोड पर है। व्यवस्थाएं पटरी पर आने में समय लगेगा। प्रभावितों के रहने और भोजन के लिए राहत कैंप काम कर रहे हैं।

दो लोगों की जान बचाने वाले नरेंद्र सिंह सम्मानित
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लाॅक के जौरासी में नदी में फंसे दो ग्रामीणों की जान बचाने वाले साहसी युवक नरेंद्र सिंह को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सम्मानित किया गया। इस मौके पर नरेंद्र का नाम राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार के लिए भेजने का प्रस्ताव पास कर जिला प्रशासन को भेजा गया।
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जौरासी तल्ली की ग्राम प्रधान सीमा देवी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि विगत 10 अगस्त को सुशील चंद्र डबराल (65) का देहांत हो गया था। उनका अंतिम संस्कार रवासन नदी के किनारे रिंगल्डी घाट में किया गया लेकिन अचानक रवासन नदी का जलस्तर बढ़ गया। लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन उदय सिंह रावत और पीतांबर डबराल नदी के बीच में टापू पर फंस गए। जौरासी तल्ली निवासी नरेंद्र सिंह अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें बचाने के लिए उफनती नदी में कूद पड़े और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्राम पंचायत में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ग्राम प्रधान सीमा देवी, पूर्व प्रधान विलास कुकरेती और सांसद प्रतिनिधि चंडी प्रसाद कुकरेती ने नरेंद्र की बहादुरी पर उन्हें सम्मानित किया। चंडी प्रसाद कुकरेती ने उनका नाम राष्ट्रीय साहसी पुरस्कार के लिए भेजने का प्रस्ताव रखा जिसे ग्रामसभा ने पास कर जिला प्रशासन को भेज दिया है। संवाद
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