सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत 12 सूत्री मांगों के समाधान की मांग के लिए कोटद्वार तहसील में चल रहा उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का कार्य बहिष्कार बृहस्पतिवार को 32वें दिन भी जारी रहा। यूनियन की दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोग और सरकार उनके आंदोलन को तोड़ने की कोशिश कर रही है। इसलिए जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक देहरादून समेत गढ़वाल मंडल में आंदोलन जारी रहेगा।
बुुधवार को कुमाऊं मंडल में हड़ताल स्थगित होने के बाद कोटद्वार में भी हड़ताल स्थगित करने की घोषणा कर दी गई थी, लेकिन शाम को आंदोलनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने यू टर्न लेते हुए लिखित आश्वासन न मिलने की बात करते हुए आंदोलन जारी रखने का एलान किया। बृहस्पतिवार को कोटद्वार तहसील में आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया। यूनियन की दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आशाओं की मांग पर विचार करने के लिए 20 दिन का समय मांगा था, लेकिन गढ़वाल मंडल इकाई को इस बारे में कोई लिखित आश्वासन न मिलने पर आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष मीरा नेगी, कोषाध्यक्ष रंजना कोटनाला, विमला जोशी, मधु ममगाईं, गोदांबरी, नीलम कुकरेती, सुमित्रा भट्ट, कल्पना बिष्ट, रीना देवी, कल्पना काला, पूनम डोभाल, लक्ष्मी गुसाईं, राखी रावत और सीमा शाही आदि मौजूद थे।