धुमाकोट। बरसात शुरू होते ही क्षेत्र के अनेक मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं। इससे ग्रामीणों को कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है। विभागीय लापरवाही का खामियाजा क्षेत्रीय जनता को भुगतना पड़ रहा है।
बरसात में बंद होने वाले अधिकतर मार्ग ऐसे हैं, जिनका निर्माण कार्य विभागों व शासन-प्रशासन की लापरवाही के चलते पिछले कई वर्षों से पूरा नहीं हो पाया है। इन मार्गों पर सड़क की कटिंग और पुस्ते आदि के कार्य मानकों के अनुरूप नहीं होने से सड़कें बदहाल हैं। बरसात में मार्ग बंद होने से वाहनों का संचालन बंद हो जाता है तथा ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वर्तमान में जडाऊखांद-जमणधार-मजेडाबैंड मोटर मार्ग मलबा गिरने तथा पुस्ता ढहने से पिछले एक सप्ताह से बंद हैं। कोचियार गुजडू, जमणधार, धौलियाना, किनाथ आदि गांवों के ग्रामीण मीलों पैदल चलने को मजबूर हैं। मुजराबैंड-चमाडा-अपोलासेरा मोटर मार्ग भी कई स्थानों पर मलबा गिरने से बाधित हैं। इस पर भी कार्य पूरा न होने के साथ ही पुल नहीं बन पाया है। धुमाकोट-पीपली-भौन मार्ग पर बाड़ागाड़ के पास लगातार मलबा गिरने तथा सड़क संकरी होने से बसों का संचालन पिछले 10 दिन से बंद है। लैंसडौन डिवीजन के अंतर्गत भौन-द्वारी मार्ग भी बदहाल है। मलबा गिरने से वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण मीलों दूर चलने को मजबूर हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष दीनदयाल कंडारी का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के समय 2008 में यह सड़क बननी शुरू हुई थी। उसके बाद इस सड़क पर कोई कार्य नहीं हो पाया है।
उधर, लोनिवि के जेई प्रदीप खनशली का कहना है कि जेसीबी के जरिए मलबा हटाकर मार्ग पर यातायात बहाल किया जा रहा है। शीघ्र सभी सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
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