पौड़ी। कफोलस्यूं पट्टी स्थित एक गांव की छात्रा को जिंदा जलाए जाने के प्रयास की घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ित छात्रा का हाल जानने के लिए गांव के ग्रामीण बस लेकर एम्स ऋषिकेश जाएंगे। उधर, कल्जीखाल ब्लाक की मनियारस्यूं पट्टी के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों, पूर्व सैनिक संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी घटना पर कड़ा रोष जताया।
पीड़ित छात्रा के गांव में हुई ग्रामीणों की बैठक में पूर्व प्रधानाचार्य सरोप सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदेश्वरी देवी और सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत मोहन बिष्ट ने कहा कि बेटी को जिंदा जलाए जाने के प्रयास की घटना से पूरा गांव आक्रोशित है। पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। गांव के ग्रामीण आज बुधवार को एक बस लेकर एम्स जाएंगे। इससे पहले जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के साथ सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में ग्रामीण गिरवर सिंह, राजेश सिंह राजा, सरोजनी देवी, पीतांबर सिंह, सुरेश चंद्र, गोदांबरी आदि मौजूद थे। कल्जीखाल ब्लाक की मनियारस्यूं पट्टी स्थित डांगी, थनुल सहित कई गांवों के ग्रामीणों ने घटना को अमानवीय बताते हुए कड़ा रोष जताया। पूर्व सैनिक संगठन पौड़ी के अध्यक्ष महावीर सिंह रावत, सचिव राजेंद्र सिंह राणा, सुरेंद्र सिंह रावत ने घटना की निंदा की। युद्ध बंदी व दिव्यांग भगवान सिंह पंवार, सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी, सामाजिक कार्यकर्ता कमल रावत ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग की। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष आशीष जदली ने कहा कि पीड़िता को इंसाफ मिलना चाहिए। आरोपी को कड़ी कानूनी सजा होनी चाहिए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई
पौड़ी। कफोलस्यूं पट्टी स्थित एक गांव की छात्रा को जिंदा जलाए जाने के मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की गई है। नागरिक कल्याण मंच के अध्यक्ष रघुवीर सिंह रावत, पूर्व ब्लाक प्रमुख कोट नवल किशोर, छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष आशीष नेगी, जिलाध्यक्ष एनएसयूआई गौरव सागर, अभाविप नगर छात्रा प्रमुख अरसी कुरैशी, पूर्व यूआर मोहित सिंह ने यह मांग उठाई है। ब्यूरो
विधायक और मंत्रियों ने नहीं ली सुध
पौड़ी। जिला मुख्यालय पौड़ी में आंदोलित छात्रों ने कहा कि जनपद पौड़ी से छह विधायक हैं, जिनमें दो कैबिनेट मंत्री और एक राज्यमंत्री शामिल हैं। किसी ने अब तक पीड़िता की सुध नहीं ली है। ब्यूरो