कोटद्वार। प्रेस क्लब की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित गोष्ठी में बच्चों में बढ़ती मानसिक बीमारी पर चिंता जताई गई। नगर पालिका सभागार में प्रेस क्लब के अध्यक्ष नागेंद्र उनियाल की अध्यक्षता में संपन्न गोष्ठी का बतौर मुख्य अतिथि पूर्व डीआईजी बलराम सिंह नेगी ने शुभारंभ किया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में सभी परिवारों में अवसाद जैसी घातक बीमारी के चलते बच्चों पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ रहा है। परिजनों को इस घातक बीमारी से बचाव के लिए अपने बच्चों को पढ़ाई, खेलकूद सहित विभिन्न क्रियाकलापों को संपन्न करने के लिए खुली छूट देनी होगी। गोष्ठी में साहित्यकार योगेश पांथरी के पुत्र प्रफुल पांथरी की रेखा चित्र पत्रिका ‘अवसाद क्यों’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पत्रकार नागेंद्र उनियाल ने कहा कि परफुल पांथरी भी कई वर्षों से अवसाद जैसी बीमारी उबर कर रचानात्मक सोच को समाज के सामने प्रस्तुत कर रहे है, जो कि समाज के लिए एक प्रेरणा का कार्य है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पूरे विश्व में तीस करोड़ लोग मानसिक अवसाद से ग्रसित है, जिनमें से 26 करोड़ लोग गंभीर मानसिक बीमारियों से ग्रसित है। जीवन शैली में आए बदलाव के कारण वर्तमान दौर में इसमेें प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि आने वाले समय में पूरे विश्व के लिए एक गंभीर चुनौती है।
इस मौके पर समाजसेवी सत्यप्रकाश थपलियाल, विनोद कुकरेती, योगेश पांथरी, विमला पांथरी, चंद्रेश लखेड़ा, पुष्कर पंवार, अमीर अहमद कादरी, चंद्रमोहन शुक्ला, राजेश सेमवाल, रतन सिंह नेगी, गौर सिंह, सुल्तान सिंह रावत, महानंद ध्यानी, वीरेंद्र असवाल, कमल बिष्ट, सुधींद्र नेगी, देवेंद्र सिंह, सूरज कुकरेती, सुभाष नौटियाल आदि मौजूद थे।