यमकेश्वर। जलसंस्थान की लापरवाहीपूर्ण कार्यप्रणाली ग्राम पंचायत चाई दमराड़ा के ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। गांव में विगत एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप है। पानी नहीं आने से ग्रामीणों को करीब दो किमी. दूर महाविद्यालय बिथ्याणी के हैंडपंप और सतेडी नदी से पीने ढोना पड़ रहा है।
वर्ष 1995-96 में चाई चमराड़ा गांव के लिए पेयजल की व्यवस्था के तहत डाडा दमराड़ा के दो गधेरों से पेयजल योजना बनाई गई थी, लेकिन विभागीय देखरेख के अभाव में योजना ठप हो गई। इसके कारण भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान हैं।
ग्रामीण मंगतराम, हरिबल्लभ उनियाल, सुमित्रा देवी, हरिप्रसाद व हर्षमोहन ने जलसंस्थान पर गांव की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह से गांव के स्टैंड पोस्ट सूखे हुए हैं। पेयजल लाइन की मरम्मत पर हर वर्ष विभाग द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन योजना से लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण दो किमी दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं।
उधर, जलसंस्थान के अवर अभियंता रतन सिंह रावत ने बताया कि चाई दमराड़ा पेयजल योजना का स्रोत सूख गया है। इसके कारण गांव में पानी नहीं आ रहा है। टैंकर द्वारा गांव में पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है।
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