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हत्या और षडयंत्र के आरोपी तीनों युवक दोषमुक्त

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कोटद्वार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह की अदालत ने हत्या एवं हत्या के षड्यंत्र के तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। कोटद्वार तहसील क्षेत्र के पटवारी सर्किल अजमेर वल्ला-4 के पूरवाणा गांव में सितंबर 2014 में हुई भूपेंद्र सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में उसकी मां की तहरीर पर राजस्व पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता शरतचंद्र गुप्ता ने बताया कि तीन सितंबर, 2014 को ग्राम प्रधान जस्सू देवी ने राजस्व पुलिस को एक सूचना दी। इसमें उनके गांव के भूपेंद्र सिंह (35) पुत्र स्व. कुंवर सिंह निवासी पूरवाणा के एक गदेरे में डूबकर मौत होने की जानकारी दी गई। सूचना में बताया गया कि भूपेंद्र सिंह शाम को साढ़े तीन बजे गांव के पास के गदेरे में नहाने गया था, जहां गदेरे के कुंड में नहाने के लिए उसने छलांग लगाई। इस दौरान उसका सिर पत्थर से टकरा गया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। राजस्व पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम करवाया। इस बीच 11 सितंबर को मृतक की मां दिक्का देवी ने राजस्व पुलिस को उसके बेटे की हत्या की रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में हत्या की वजह पुरानी रंजिश बताई गई। कहा गया कि घटना के दिन उसके पुत्र के साथ तीन युवक सुनील सिंह, राहुल सिंह और सुमित उर्फ सुम्मी मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तीनों ने भूपेंद्र की हत्या कर शव को पानी के अंदर पत्थर पर फंसा दिया। बाद में यह मामला नियमित पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और परिस्थितियों के अवलोकन के बाद भूपेंद्र की मृत्यु को एक दुर्घटना बताया। कहा कि यह मानव वध की श्रेणी में नहीं है। कहा कि अभियोजन पक्ष अपना वाद अभियुक्तगण के विरुद्ध सिद्ध करने में असफल रहा है। साक्ष्य के अभाव में तीनों आरोपियों को हत्या और षड्यंत्र के आरोप से बरी कर दिया गया।
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