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ग्राम ठॉगर में शुरू हुआ राजा हरीशचंद्र नाटक का मंचन

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यमकेश्वर। रामलीला कमेटी ठॉगर ने ग्राम ठॉगर में तीन नाटकों राजा हरीश चंद्र, नल दमयंती, कंस वध आदि का मंचन कर रहा है। इससे पहले राजा हरीशचंद्र नाटक का मंचन किया गया।
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रामलीला कमेटी ठॉगर की ओर से आयोजित नाटक के पहले दिन समाजसेवी वीर सिंह और सुरेंद्र सिंह रावत ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्ज्वलित कर नाटक के मंचन का शुभारंभ किया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुशील बडोला ने बताया कि इस बार रामलीला के बजाय तीन नाटकों का मंचन किया जा रहा है।
नाटक मंचन के पहले दिन राजा हरीशचंद्र के नाटक का मंचन किया गया। इसमें राजा हरीशचंद्र नाटक के पहले दिन इंद्र दरबार का मंचन किया गया, जिसमें अयोध्या के राजा हरीशचंद्र की बढ़ती हुई शक्ति को देख राजा इंद्र परेशान हो जाते है। तब इंद्र विश्वामित्र को राजा हरीशचंद्र की परीक्षा लेने के लिए भेजते है और भिक्षा के बदले राजपाठ मांगने को कहते हैं। विश्वामित्र इंद्र से विदा लेकर हरीशचंद्र के दरबार में वेेश बदलकर भिक्षा मांगने जाते है और राजा हरीशचंद्र से मनचाही भिक्षा देने का वादा करते है। विश्वामित्र राजा हरीशचंद्र से पूरा राजकाज तथा ढाई किलो सोना अलग से भिक्षा में मांगते है। राजा हरीशचंद्र अपना राजकाज विश्वामित्र को दे देते हैं और ढाई किलो सोना देने का वादा कर राज्य से चले जाते हैं।
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