कोटद्वार। उत्तराखंड क्रांति दल ने नगर निगम के विरोध और जनसमस्याओं के निराकरण की मांग करते हुए कोटद्वार तहसील में बुधवार को पांचवें दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम बनाने का शासनादेश वापस नहीं लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ग्रामीणों को नगर निगम नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास चाहिए। सरकार ग्रामीणों पर जबरन नगर निगम को थोपकर उनके अधिकारों का हनन कर रही है।
बुधवार को तहसील परिसर में नगर निगम के विरोध में यूकेडी के प्रतिनिधियों ने तानाशाही हटाओ, भाबर बचाओ, नगर निगम हटाओ, गांव बचाओ के नारों के साथ प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर भाबर के ग्रामीणों पर नगर निगम को जबरन थोपने का आरोप लगाया। उत्तराखंड आंदोलनकारी प्रवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार ग्रामीण समस्याओं को तो सुलझा नहीं पा रही हैं, उलटा ग्रामीणों पर जबरन नगर निगम थोप रही है। सरकार को नगर निगम न बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में आ रही समस्याओं को सुलझाना चाहिए। आज जो हाल शहर की अव्यवस्थाओं का बना है, कल वहीं हाल गांवों का भी होगा। ग्रामीणों, पशुपालकों और काश्तकारों को ग्रामीण अंचल की योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका कोटद्वार का वर्तमान इलाका पौने तीन किमी में सिमटा हुआ है, लेकिन इस छोटे से क्षेत्र में भी समस्याओं का अंबार लगा है। कूड़ा निस्तारण, सीवर लाइन, फुटपाथ जैसी व्यवस्थाएं नहीं है। गांवों को नगर निगम में शामिल करके उन्हें उजाड़ने की बजाय उनका वैज्ञानिक ढंग से विकास किया जाना चाहिए। दल ने चिलरखाल-लालढांग मोटर मार्ग का निर्माण करने, रामनगर मोटर मार्ग बनाने के साथ ही गांवों में स्मार्ट विलेज नीति के तहत विकास करने की मांग की है। प्रदर्शन में उक्रांद जिला अध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत, हरीश द्विवेदी, विजय ध्यानी, राजाराम अथंवाल, वीरेंद्र थलेड़ी, विजय कंडारी, हरीश घिल्डियाल, मुकेश देवरानी, नंदन सिंह रावत, यतेंद्र सुंदरियाल, जगमोहन सिंह, अर्जुन सिंह नेगी, शंकर कुमार, मनोज डबराल आदि मौजूद रहे।