ओएलएक्स के माध्यम से लोगों को फंसाकर ठगी करने वाले अंतरराज्जीय गिरोह का पुलिस ने भांडाफोड़ किया है। गिरोह ने कोटद्वार निवासी एक व्यक्ति के साथ ओएलएक्स पर ऑल्टो कार खरीदने के नाम पर करीब 19 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। कोटद्वार पुलिस गिरोह के तीन ठगों को राजस्थान जेल से रिमांड पर यहां लाई। पुलिस ने ठगों को यहां कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर तीनों को वापस राजस्थान जेल भेज दिया गया है।
एसएसआई जगमोहन रमोला ने बताया कि घमंडपुर कोटद्वार निवासी संजय सिंह ने अगस्त 2021 में कोतवाली में ओएलएक्स के माध्यम से उनके साथ ठगी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। कहा कि ओएलएक्स पर एक ऑल्टो कार का विज्ञापन आया था। ठग से ओएलएक्स पर एक दूसरे के मोबाइल नंबर शेयर होने के बाद कार खरीदने की बात तय हुई, जिस पर उसने ठग को रुपये ऑनलाइन भेज दिए। ठग ने फोन पर बताया कि कार उनके नाम हो गई है और उसे कोटद्वार भेजा जा रहा है। अगली बार ठग का फोन आया कि कोटद्वार भेजते समय कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है और उसमें किसी की मौत हो गई है। कार अब उसके नाम है, इसलिए पुलिस की कार्रवाई अब उसके खिलाफ होगी, यह कहकर उसे डरा दिया। ठग ने पुलिस और दुर्घटना में मौत वाले के परिजनों से सेटिंग के नाम पर उससे करीब 18-19 लाख रुपये ले लिए। जब ठग ने अपना फोन बंद कर दिया तब उसे ठगी का एहसास हुआ।
एसएसआई ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एसएसपी यशवंत सिंह चौहान के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह और सीआईयू प्रभारी मो. अकरम के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने मुखबिर और सर्विलांस से ठगों के बारे में जानकारी जुटाई। आरोपियों की पहचान जुबैर खान निवासी उकीदल्ला थाना सीकरी जनपद भरतपुर राजस्थान, उमर निवासी रायबक्का थाना गोपालगढ़ जनपद भरतपुर राजस्थान, जीवन गुज्जर निवासी कजौली थाना बालघाट जिला करौली राजस्थान के रूप में हुई। तीनों ठग किसी मामले में जिला कारागार हिंडोन सिटी करौली राजस्थान में जेल में बंद पाए गए। आरोपियों के वारंट बी लेकर न्यायालय की अनुमति से ठगों से कोटद्वार कोतवाली लाकर पूछताछ की गई, जिसमें ठगों ने पौड़ी जिले में धोखाधड़ी की तीन घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकारी। ठगों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उन्हें वापस राजस्थान जेल भेज दिया गया है।