कोटद्वार। गर्मियों में पूरे क्षेत्र में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने का दावा करने वाले जलसंस्थान की लापरवाहीपूर्ण कार्यप्रणाली के चलते कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। लोग इस भीषण गर्मी में पानी के लिए खाली बर्तनों के साथ एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले में भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
इन दिनों ग्राम पंचायत कुंभीचौड़ और सिताबपुर का फिर से ट्यूबवेल फुंक गया है। इसके कारण हजारों की आबादी में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्राम पंचायत कुंभीचौड़ में पिछले पांच दिन से लोग परेशान हैं। वे अन्य ग्रामीण क्षेत्रों और वन विभाग की चौकी से पानी ढोने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी राजेश चौहान, राजेंद्र सिंह रावत व कुसुम नेगी ने बताया कि पिछले पांच दिन से ट्यूबवेल खराब है, लेकिन विभाग कछुआ चाल से ट्यूबवेल की मरम्मत कर रहा है। लोगों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बाद भी उन्हें टैंकर से पानी नहीं दिया जा रहा है। लोग लालपानी क्षेत्र अथवा वन विभाग की चौकी में जंगल के स्रोत से पानी ढोकर गुजारा कर रहे हैं।
सिताबपुर निवासी रमेश चंद्र कुकरेती, देवीप्रसाद शर्मा, सुरेंद्र सिंह रावत व पार्वती देवी ने जल संस्थान पर लापरवाहीपूूूर्ण कार्यप्रणाली अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि बार-बार ट्यूबवेल के फुंक जाने से उन्हें पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। पिछले चार दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है, लेकिन विभाग लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। हजारों की आबादी एक टैंकर के भरोसे है। लोगों को बमुश्किल एक बाल्टी पानी से गुजारा करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर तो टैंकर पहुंच ही नहीं रहा है। लोग निजी खर्चे पर टैंकर मंगाकर पानी का उपयोग कर रहे हैं।
उधर, जलसंस्थान के सहायक अभियंता बीआर चौधरी ने बताया कि गर्मी में पेयजल की खपत अधिक होने के कारण मोटर पर लोड पड़ने से वह फुंक जाती है। शीघ्र लोगों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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