कोटद्वार। आयुक्त गढ़वाल मंडल ने राजस्व अभिलेखों के कंप्यूटरीकृत करने के दौरान खाता खतौनियों में खातेदारों, सह खातेदारों के नाम, पिता, पति और रकवे गलत दर्ज होने की शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारियों को उनके विधि सम्मत निस्तारण के आदेश दिए हैं।
मंडलायुक्त ने यह आदेश अधिवक्ता जगमोहन भारद्वाज की शिकायत का संज्ञान लेते हुए दिए हैं। अधिवक्ता जगमोहन भारद्वाज ने बताया कि गत माह उन्होंने आयुक्त गढ़वाल मंडल डा. बीवीआरसी पुरुषोत्तम से उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में उन्होंने कहा था कि राज्य गठन के बाद सभी जनपदों में राजस्व विभाग के अभिलेखों को कंप्यूटरीकृत करने का कार्य प्रगति पर है। इसके तहत खाता खतौनियों में खातेदारों, सह खातेदारों के नाम, उनके पिता के नाम गलत दर्ज हो गए हैं। कहा कि पीड़ित लोगों की ओर से धारा 33/39 एलआर एक्ट और अन्य धाराओं में खातेदारों को सुलभ न्याय दिलाने के लिए सभी सक्षम न्यायालय और राजस्व विभाग के अधिकारियों को स्वयं निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के चलते खातेदार और सह खातेदार न्यायालयों के चक्कर काट रहे हैं। बताया कि उन्होंने सत्तीचौड़ निवासी भरोसा राम गौड़ के खाता खतौनी में हुई गड़बड़ी का उदाहरण मंडलायुक्त के समक्ष उठाया। मंडलायुक्त ने इन मामलों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारियों को संबंधित सहायक कलक्टरों को लिपिकीय त्रुटियों के संबंध में दुरुस्ती वाद का विधि सम्मत निस्तारण करने के लिए निर्देशित करने को कहा है।