लैंसडौन/कोटद्वार। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) लैंसडौन पुनीत कुमार की अदालत ने 12 जून 2010 को गुमखाल के पास बैरगांव में हुई जीएमओयू की बस दुर्घटना के लिए वाहन चालक को दोषी करार देते हुए दो साल के कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में आठ गवाह पेश किए गए थे।
अभियोजन अधिकारी आशुतोष कंडवाल ने बताया कि 12 जून 2010 को गुमखाल के पास बैरगांव में दुर्घटनाग्रस्त बस के स्वामी इंद्रेश भाटिया पुत्र प्रीतम भाटिया निवासी गोविंदनगर कोटद्वार ने राजस्व उपनिरीक्षक लंगूर वल्ला तहसील सतपुली जिला पौड़ी गढ़वाल में अपने बस चालक प्रीतम सिंह के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने, उपेक्षापूर्ण कृत्य के चलते मानव क्षति पहुंचाने समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया था। वाहन स्वामी की तहरीर पर राजस्व पुलिस ने मामले में जांचकर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। वाहन स्वामी ने अपने बयानों में बस दुर्घटना के लिए चालक प्रीतम सिंह को जिम्मेदार ठहराया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पुनीत कुमार ने बस चालक प्रीतम सिंह को आईपीसी की धारा 279 के तहत तीन माह की कैद, पांच सौ रुपये का जुर्माना और जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगने, आईपीसी की धारा 338 में एक वर्ष की कैद और पांच सौ रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 304 (ए) में दो साल के कारावास और आठ हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।